शिलाई में निकली गुग्गापीर की शोभायात्रा

शिलाई -गुगाल पर्व पर शुक्रवार को शिलाई गांव के गुग्गापीर को शिलाई गांव से गुग्गामाड़ी तक ले जाने के लिए दिन में, जहां शोभायात्रा निकाली गई, वहीं गुग्गामाड़ी पहुंचने के बाद पूरी रात गुगाल पर्व का जागरण मनाया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शुक्रवार को निकाली गई इस शोभायात्रा में विभिन्न तरह की झांकियां व झलकियों को शामिल किया गया। शोभा यात्रा शिलाई गांव से गुग्गामाड़ी तक निकाली गई। गुग्गापीर के जयकारों व शंखनाद की मधुर ध्वनियों से माहौल भक्तिमय हो गया। यह शोभायात्रा लगभग छह घंटे तक अविराम चलती रही। शुक्रवार प्रातः 10 बजे गुग्गापीर के देव करिंदे देव मंदिर में एकत्रित हुए, जहां से आधा दर्जन झांकियों के साथ देवता की गुग्गामाड़ी के लिए शोभायात्रा आरंभ हुई। झांकियों में श्रीकृष्ण, राधारानी, शिव परिवार, राम दरवार, मां काली व अश्व पर सवार स्वयं गुग्गा महाराज की झांकी शामिल थी। शिलाई गांव के युवक व युवतियों ने डांडिया नाच पेश कर शोभा यात्रा में शामिल दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दर्जनों गाडि़यों के साथ झांकियों का काफिला शिलाई स्कूल होते हुए लोक निर्माण मंडल शिलाई से होते हुए तहसील चौक तथा मुख्य बाजार से अस्पताल मार्ग होते हुए गुग्गा माड़ी पहुंचा। देव करिंदे दीप चंद तोमर, तपेंद्र नेगी, संतराम तोमर, जगत सिंह नेगी, प्रताप सिंह तोमर, बलबीर नेगी, रमेश नेगी सहित सैकड़ों लोगों का कहना है कि हर वर्ष वह इस परंपरा को बखूबी निभा रहे हैं। गुग्गा देवता उनके आस्था के प्रतीक हैं। 52 गांव की परिक्रमा के बाद शिलाई लौटे गुग्गा पीर का शुक्रवार रात्रि को गुग्गा माड़ी में गुगाल जागरण किया गया, जहां पूरी रात पूजा-अर्चना की। इस गायन के दौरान कई मर्तबा देव मालियों में देव हवा आई। इस दौरान इन देव मालियों ने आग में लाल तपी हुई लोहे की लाल चाबुकें हाथ में उठाकर अपने शरीर पर प्रहार किया, लेकिन देव शक्ति की वजह से न तो इन मालियों को कोई चोट लगी न ही आग का असर हुआ। पूरी रात सुखना और मन्नत वाले श्रद्धालु अपने बच्चों सहित देव माड़ी जागरण में डटे रहे। जाहर वीर गुग्गा पीर समिति शिलाई की ओर से रात्रि जागरण में शामिल हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए जलपान, फलाहार, जूता स्टाल की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त भजन व देव गायान बार प्रस्तुत किया गया। रात्रि जागरण व शोभायात्रा में एसडीएम शिलाई योगेश चौहान, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर, जिला परिषद सदस्य जेलदार प्रताप सिंह तोमर, चूड़ेश्वर सेवा समिति नाहन इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र हिंदोस्तानी, भारतीय महिला कबड्डी खिलाड़ी प्रियंका नेगी, पंचायत के प्रधान देवेंद्र धीमान, जगत नेगी, देवेंद्र सितलाईक, गुलाब सिंह अलवाण, ओपी तोमर, कुलदीप नेगी, देवेंद्र नेगी, तपेंद्र नेगी, रमेश देसाई, बलबीर सिंह तोमर, मोही राम नेगी सहित दूरदराज से आए श्रद्धालु शामिल थे।

 

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