श्रीसंत से हटा आजीवन बैन

बीसीसीआई ने सात साल किया प्रतिबंध, अगले साल मैदान पर वापसी

मुंबई – भारतीय टीम के तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीसंत पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने वर्ष 2013 में आईपीएल के दौरान कथित तौर पर फिक्ंिसग में शामिल होने को लेकर लगाया आजीवन प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया है, लेकिन उन पर लगा बैन अगस्त, 2020 में समाप्त होगा। बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने कहा कि श्रीसंत पिछले छह सालों से प्रतिबंध झेल रहे हैं। अगस्त, 2020 में उन पर लगा आजीवन प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा। 36 वर्षीय श्रीसंत पर आईपीएल, 2013 में राजस्थान रायल्स के लिए खेलने के दौरान मैच फिक्सिंग में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने श्रीसंत और राजस्थान के दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदेला तथा अंकित चव्हाण पर आजीवन प्रतिबंध लगाया था। श्रीसंत ने हालांकि बीसीसीआई के इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अशोक भूषण और केएम जोसफ की पीठ ने इस वर्ष 15 मार्च को बीसीसीआई की अनुशासन समिति के फैसले को पलट दिया था। बीसीसीआई ने हालांकि फरवरी में अपने फैसले को जायज ठहराते हुए शीर्ष अदालत में कहा था कि श्रीसंत पर लगाया गया आजीवन प्रतिबंध कानून के तहत बिलकुल सही है, क्योंकि उन्होंने मैच फिक्सिंग में अहम भूमिका अदा की थी। यायाधीश भूषण और जोसफ की पीठ ने अप्रैल में जैन से श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध के फैसले पर तीन महीने के भीतर दोबारा विचार करने के लिए कहा था। जैन ने श्रीसंत पर से बैन हटाते हुए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि उनकी उम्र 30 वर्ष से अधिक है और उन्होंने तेज गेंदबाज के रुप में अपने करियर का महत्त्वपूर्ण समय प्रतिबंध में गुजारा है। जैन ने कहा, मेरे हिसाब से श्रीसंत ने एक गेंदबाज के तौर पर अपने करियर का महत्त्वपूर्ण समय प्रतिबंध में गुजारा है। बीसीसीआई की अनुशासन समिति द्वारा श्रीसंत से प्रतिबंध को हटाकर उन्हें अगले वर्ष अगस्त से खेलने की अनुमति दी जा रही है। 

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