संत रविदास के दिल्ली तुगलकाबाद मंदिर को ढहाए जाने पर वाल्मीकि समाज उग

नाहन -राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद में स्थित ऐतिहासिक रविदास मंदिर को सरकार द्वारा ध्वस्त कर दिए जाने के बाद दलित समुदाय पूरे देश में भड़का हुआ है। वहीं मंदिर को पुनः निर्माण की आवाज पूरे देश से उठ रही है। इस कड़ी में श्री नवजीवन वाल्मीकि समाज नाहन जिला सिरमौर ने इस ऐतिहासिक रविदास मंदिर को ढहाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसके पुनर्निर्माण के लिए सरकार से आग्रह किया है। मंगलवार को नवजीवन वाल्मीकि समाज नाहन के अध्यक्ष श्याम लाल सोढा, प्रधान अच्छपाल नारनौल तथा समाज ने संयुक्त बयान में कहा है कि ऐतिहासिक रविदास मंदिर को ध्वस्त किए जाने की घटना निंदनीय है, जिसके कड़े विरोध में सिरमौर वाल्मीकि समाज भी साथ है। पदाधिकारियों ने चेताया है कि यदि सरकार ने इस समाज के पक्ष में जल्दी ही कोई सकारात्मक पक्ष नहीं लिया तो आगामी समय में उग्र प्रदर्शन देश स्तर पर किया जाएगा। गौर हो कि तुगलकाबाद वन क्षेत्र मंे रविदास मंदिर क्षेत्र आने के बाद माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने इसे तोड़ने के आदेश पारित किए थे, जिसे दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा आदेशों का पालन करने के बाद ढहा दिया गया, जिसे लेकर वाल्मीकि समाज ने देश भर में अब उग्र आंदोलन का मूड़ बना लिया है। वाल्मीकि समाज का कहना है कि देश की राजधानी दिल्ली मंे 21 अगस्त को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सम्राट सिकंदर लोदी के शासन काल के दौरान 1509 में तुगलकाबाद दिल्ली मंे यह रविदास मंदिर स्थित है, जिसे ध्वस्त किया जाना दलितों की भावना को ठेस पहुंचाना है। सरकार जल्द ही इस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाए।

 

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