सड़कों का क्या हाल, कहां से लें जानकारी

नेरवा -हाल ही में हुई भारी बरसात के चलते उपमंडल चौपाल की लगभग सभी मुख्य और संपर्क मार्गों के अवरुद्ध होने से हजारों पेटी सेब की फंस गई है। सड़कों के बंद होने से सेब बागीचों में सड़ना शुरू हो गया है। बागवान व आम लोग सड़कों के खुलने की जानकारी चाह रहे है परन्तु विभाग के बड़े साहब यानी अधिशासी अभियंता ऐसे विकट हालात में भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। इनसे बार-बार संपर्क साधने की कोशिश की परन्तु उन्होंने फोन उठाना शायद मुनासिब नहीं समझा। यही नहीं अधीक्षण अभियंता सुरेश कपूर ने भी बड़े मियाँ तो बड़े मियां, छोटे मियां सुहान अल्लाह वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए पहले तो कुछ भी कहने को तैयार ही नहीं हुए। फिर स्थिति को देखते हुए पत्रकारों के हर सवाल का एक ही रटा रटाया जवाब दिया कि चौपाल मंडल शिमला सर्किल के अधीन कुछ माह पहले ही आया है व वह किसी भी विषय में कुछ नहीं कह सकते। अब लोग एक ही सवाल कर रहे हैं कि यदि इस स्तर के अधिकारी ही कुछ नहीं बता सकते तो जनता को सड़कों की स्थिति की सही जानकारी कहाँ से मिलेगी। शिमला व अन्य स्थानों से आये कई लोग गांव में फंस गए हैं जिन्हें जरूरी वापस पंहुचना है। यह लोग सड़क खुलने की जानकारी चाह रहे हैं परन्तु स्थिति स्पष्ट न होने से ये लोग भी असमंजस में हैं की घर से निकले या नहीं। क्षेत्र में सोमवार को चड़ेवली का त्यौहार था जिसके लिए बाहर रहने वाले लोग अपने घरों को आये थे व अब उन्हें वापस जाना है परंतु सड़कों की सही स्थति का पता न चल पाने से यह लोग परेशान हैं। ऐसे ही थरोच निवासी वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि वह अपने गांव आए थे व उन्हें बुधवार तक हर हाल वापस शिमला पहंुचना है परंतु थरोच से शिमला जाने के लिए सड़क ही सही स्थिति स्पष्ट न होने से वह परेशान हैं। उत्तराखंड की सीमा पर प्रदेश की अंतिम, पिछड़ी, दूरस्थ पंचायतों किरण और टेलर की सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां पर अधिकांश बागबान सेब का तुड़ान कर चुके हैं, परंतु सड़कों के टूटने से सेब बागीचों में ही सड़ना शुरू हो गया है। यही हाल ग्राम पंचायत माधाना के भारण का भी है यहां की सड़क भी बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है। इसी प्रकार उपमंडल में जगह-जगह बागबान सड़कें टूटने से मुसीबत में फंसे हैं। ऐसे हालात में इन अधिकारियों का उदासीन रवैया लोगों की पीड़ा को और अधिक बढ़ा रहा है जिस वजह से विभाग के प्रति लोगो में रोष गहराता जा रहा है व सरकार से सवाल किया है की चौपाल की सड़कों के बारे लोगों को कौन जानकारी देगा।

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