सत्ती… शराब माफिया पर सख्त एक्शन ले पुलिस

ऊना –भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने पेखूवेला शराब मामले में कांग्रेस नेताओं पर सीधा हमला बोला है। बुधवार को सर्किट हाउस ऊना में पत्रकार वार्ता में सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया कि ऊना सदर विस क्षेत्र से कांग्रेस नेता शराब, नशे व खनन माफिया से जुड़े लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर रहे है। उन्होंने कहा कि पेखूवेला प्रकरण ने प्रदेश को शर्मसार करके रख दिया है। हिमाचल प्रदेश में पहली बार एक विधायक का स्टाफ नशे के कारोबारियों की मदद करने पहंुच गया,इतना ही नहीं, अवैध शराब पकड़ने वाले पुलिस कर्मियों पर हमला तक कर दिया गया। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि यूपी व बिहार जैसे राज्यों मंें इस प्रकार की घटनाएं चौंकाने वाली नहीं होती, लेकिन देवभूमि हिमाचल में अपनी तरह की पहली इस घटना से प्रदेशवासी स्तब्ध है। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि प्रदेश में सीएम जयराम ठाकुर के सत्ता संभालने के बाद राज्य सरकार ने नशे पर लगाम लगाने के लिए जीरो टालरेंस नीति अपनाई। इसके चलते ऊना जिला में अभी तक 43 मामले एनडीपीएस व 65 मामले अवैध शराब बेचने पर बनाए गए। उन्होंने कहा कि यहां भाजपा सरकार नशे के कारोबारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। वहीं, कांग्रेस के स्थानीय नेता हर बार माफिया के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे है। उन्होंने कहा कि नंगड़ा में खनन माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने पर ऊना कांग्रेस के नेता ने डीसी कार्यालय में धरना तक दे डाला। जबकि अब शराब माफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने पर विधायक का सारा स्टाफ माफिया की मदद के लिए मौके पर पहंुच गया। उन्होंने कहा कि यदि विधायक की गाड़ी अपने स्टाफ को ड्राप करने जा रही थी तो उसी स्पाट पर क्यों रूकी तथा वहां पर उस समय केवल कांग्रेस कार्यकर्ता ही क्यों एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि ऊना में अवैध शराब,खनन व ड्रग्ज का कारोबार करने वालों को कांग्रेस नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। जिससे उनके हौंसले खुल रहे है। उन्होंने कहा कि विस चुनावों में अवैध कारोबार करने वालों ने इन नेताओं की खुलकर मदद की,वहीं अब यहीं नेता उनको संरक्षण दे रहे है। इस अवसर पर भाजपा मीडिया प्रभारी हरिओम भनोट, जिला भाजपाध्यक्ष बलबीर बग्गा, महामंत्री यशपाल राणा, पार्षद पवन कपिला, खामोश जैतक, रूपिंद्र सिंह देहल, विनय शर्मा, मोहित, राजकुमार पठानिया व अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित थे। वहीं, सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि ऊना विस क्षेत्र में पूर्व विधायक विरेंद्र गौतम व ओपी रत्न के समय भी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता थी, लेकिन कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व ने माफिया को सरंक्षण देने की गलत परंपरा शुरू की है।

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