सल्याणा-पालमपुर बाल आश्रम के रिकार्ड जांचे

एडीसी कांगड़ा व निरीक्षण समिति ने किया निरीक्षण, बच्चों को दी जाने वाली सुविधाएं भी परखी

धर्मशाला -जिला कांगड़ा में संचालित विभिन्न बाल-बालिका आश्रमों का निरीक्षण जिला स्तरीय निरीक्षण समिति द्वारा किया गया। समिति ने अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा राघव शर्मा के नेतृत्व में सल्याणा के बाल गोपाल बाल आश्रम तथा पालमपुर में तितली बाल आश्रम का निरीक्षण किया। समिति में जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह सहित जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा चमेली मेहरा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. राजेश गुलेरी, संस्थागत बाल संरक्षण अधिकारी रीता शर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता राधा कथवाल भी उपस्थित रहे। इस दौरान उक्त दोनों आश्रमों के रिकार्ड भी जांचे गए। साथ ही बच्चों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की भी जांच की गई। इसके अलावा आश्रमों में रहने वाले बच्चों से भी बातचीत की । निरीक्षण समिति ने इस दौरान आश्रम संचालकों को आदेश दिए कि वे अपने आश्रमों को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से फूड सेफ्टी अधिनियम के अंतर्गत भी अवश्य पंजीकृत करवाएं तथा अग्निशमन यंत्र का ऑडिट भी समय-समय पर अवश्य करवाएं तथा किसी भी निरीक्षण के दौरान सारे दस्तावेज प्रस्तुत करें। इसके अलावा एडीसी कांगड़ा एवं अध्यक्ष निरीक्षण समिति राघव शर्मा ने बाल गोपाल आश्रम सल्याणा में कार्यरत वार्डन एवं परामर्शदात्री द्वारा बच्चों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर आश्रम संचालकों को निर्देश दिए कि आश्रम में वार्डन और कांउसलर अलग-अलग होने चाहिए।  जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह जो कि बाल संरक्षण अधिकारी का कार्य भी देख रहे हैं ने बताया कि जिला कांगड़ा के सभी बाल-बालिका आश्रमों का जिला निरीक्षण समिति द्वारा हर तीन महीनों में इस प्रकार का निरीक्षण किया जाता है।

You might also like