सेंसेक्स ने तोड़ा 37 हजार का लेवल, 623 अंक टूटा

मुंबई – आर्थिक मंदी की आशंका में विदेशी शेयर बाजारों में रही भारी गिरावट के दबाव में घरेलू शेयर बाजारों में भी मंगलवार को निवेशकों की चौतरफा बिकवाली देखने को मिली और बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 623.75 अंक यानी 1.66 प्रतिशत लुढ़ककर 36958.16 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 183.80 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की गिरावट में 10925.85 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों का सात अगस्त के बाद का निचला स्तर है। डालर की तुलना में रुपए के कमजोर पड़ने से भी घरेलू बाजारों पर दबाव रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में गिरावट के कारण ऊर्जा और तेल एवं गैस समूहों में रही, क्रमशः 5.98 प्रतिशत और 1.05 प्रतिशत की तेजी को छोड़ दें तो बीएसई के अन्य 18 समूह लाल निशान में रहे। रिलायंस जियो के गीगा फाइबर संबंधी घोषणा से दूरसंचार क्षेत्र की अन्य कंपनियों पर दबाव पड़ा और इस समूह के सूचकांक में करीब साढ़े चार प्रतिशत की गिरावट रही। वाहनों की बिक्री में सदी की सबसे बड़ी गिरावट के जारी आंकड़े वाहन निर्माता कंपनियों के शेयर लुढ़क गए और उनका सूचकांक भी करीब चार फीसदी टूट गया। पूंजीगत वस्तुओं और वित्त समूहों में तीन फीसदी से अधिक की गिरावट रही। अमरीका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध के कारण विदेशी पूंजी बाजारों पर भी दबाव रहा। हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के प्रदर्शन और अर्जेंटीना में जारी मुद्रा संकट के मद्देनजर वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका भी गहरा गई है। अमरीका में जारी मुद्रास्फीति के आंकड़े भी नकारात्मक रहे। इससे अधिकतर विदेशी बाजारों में भी गिरावट रही। एशिया में चीन का शंघाई कंपोजिट 0.63 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.85 प्रतिशत, जापान का निक्की 1.11 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 2.10 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोप में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.56 फीसदी और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.63 फीसदी की गिरावट रही। विदेशी बाजारों में दबाव में घरेलू बाजारों में भी चौतरफा बिकवाली रही। बीएसई का मिडकैप 2.25 प्रतिशत लुढ़ककर 13362.90 अंक पर और स्मॉलकैप 1.42 प्रतिशत की गिरावट में 12519.43 अंक पर आ गया। बीएसई में कुल 2661 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ।

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