स्कूल किचन की ग्रेडिंग

शिमला  – अब हिमाचल के स्कूलों के  किचन की ग्रेडिंग की जाएगी, जिसमें ए, बी, सी व डी मानकों के तहत किचन के स्तर का निर्धारण किया जाएगा। बच्चों को साफ भोजन के आबंटन को लेकर फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी निर्देशों के तहत प्रदेश हेल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशन डिपार्टमेंट ने काम करना शुरू कर दिया है। ऐसी पहल प्रदेश में पहली बार ही की जा रही है, जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखा जाने वाला है। इसमें स्कूलों के  रसोइघरों की स्वच्छता पर कड़ी नजर रखी जा रही है। खासतौर पर स्कूलों मेें खाना पकाने वालों के स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत ट्रेंनिग करवाई जाएगी। बिना ट्रेनिंग के कोई भी पाचक स्कूलों में खाना नहीं बना पाएगा। इसमें बेस्ट किचन को अवार्ड भी मिलेगा, जिसकी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी जाएगी। फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस बार स्कूलों के स्वास्थ्य को लेकर काफी गंभीर बना हुआ है, जिसमें स्कूलों में बच्चों को भोजन आबंटन को लेकर कई शिकायतें पेश आ रही थीं। इसमें खासतौर पर भोजन बनाने वालों के स्वास्थ्य पर सवाल उठ रहे थे। वहां की सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें आ रही थीं। अब जो ग्रेडिंग दी जाएगी, उसमें किचन की सफाई व्यवस्था को लेकर अंक मिलेंगे। जो ग्रेडिंग मिलेगी, उसके तहत स्कूलों को पुरस्कार और डी ग्रेड वाले स्कूल को नोटिस जारी किए जाने तय किए हैं। इस बाबत हैल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशन डिपार्टमेंट और शिक्षा विभाग की बैठक भी आयोजित हुई है। स्कूल प्रशासन को भी इस ओर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत बच्चों को पौष्टिक खाना देने का इंतजाम भी किया जाने वाला है, जिसमें प्रदेश के मिड-डे मील में पौष्टिक युक्त राशन मिलेगा।

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