15 घंटे मनाली-लेह मार्ग ठप

रोहतांग के समीप टूटी पहाड़ी, लेह से लौट रहा टैंकर आया चपेट में

मनाली -लेह की ओर से मनाली आ रहा टैंकर सोमवार देर रात रोहतांग दर्रे के समीप भू-स्खलन की चपेट में आ गया। टैंकर चालक ने भागकर जान बचाई और मढ़ी में शरण ली। हालांकि इस घटना में पहाड़ी से गिरे मलबे ने टैंकर को सड़क के किनारे पर लटका डाला, वहीं हल्की सी हरकत होने पर टैंकर के गिरने की संभावना बनी हुई थी। भू-स्खलन होने व टैंकर के सड़क पर दबने से मनाली-लेह मार्ग करीब 15 घंटे तक ठप रहा।  जानकारी के अनुसार यह टैंकर  चालक लेह से मनाली आ रहा था और पिछले तीन दिनों से पागल नाला के पास फंसा हुआ था। मार्ग खुलने पर चालक ने सोमवार रात को ही सिस्सू से मनाली का रूख किया और मढ़ी से ऊपर दलदल में फंस गया। रोहतांग दर्रे के समीप बारिश का क्रम लगातार जारी रहने से जगह-जगह सड़ बंद हो गई है। ऐसे में सोमवार शाम को ही बीआरओ ने जहां मनाली-लेह मार्ग को बहाल किया था,वहीं खराब मौसम के बीच जहां लाहुल में फंसे हजारों सैलानी सोमवार रात को ही रोहतांग से होते हुए मनाली पहुंच रहे थे, वहीं इसी बीच रोहतांग दर्रे के समीप पहाड़ी के टूटने से जहां बड़ी-बड़ी चट्टाने सड़क पर आ गिरी, वहीं इनकी चपेट में लेह से मनाली लौट रहा एक तेल का टैंकर भी आ गया। गनिमत यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। टैंकर चालक ने टैंकर से कूद कर जहां अपनी जान बचाई, वहीं बीआरओ को पहाड़ी का मलबा हटाने के लिए खासी मश्क्कत करनी पड़ी और करीब 15 घंटे बाद मनाली-लेह मार्ग को बाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जा सका। एसडीएम मनाली अमित गुलेरिया ने बताया कि खराब मौसम के बीच रोहतांग दर्रे पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने बताया कि मनाली-लेह सड़क पर जगह-जगह भू-स्खलन का दौर जारी है। उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात को भी मढ़ी के समीप पहाड़ी के टूटने से जहां सड़क पर बड़ी-बड़ी चट्टाने आ गिरी, वहीं इस की चपेट में एक टैंकर भी आ गया। उन्होंने बातया कि बीआरओ ने मंगलवार शाम को एक बार फिर मनाली-लेह मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया है। उन्होंने लोगों व सैलानियों से अपील की है कि मौसम को ध्यान में रख ही मनाली-लेह सड़क पर सफर करें।

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