226 सड़कें अभी ठप, चौपाल को बस बहाल

जिला में पटरी पर लौटने लगा जन जीवन; अभी भी चौपाल में फंसी है निगम की 26 बसेंं, शिमला जोन में अभी भी सैकड़ों सड़कें बंद

शिमला -जिला शिमला में जिंदगी पटरी पर लौैटने लगी है। हालांकि अभी भी जिला शिमला मेंं काफी संख्या में ग्रामीण संपर्क मार्ग यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं, मगर अधिकतर मुुख्य मार्गों के बहाल होेनेे पर जनता ने काफी हद तक की राहत ली हैै। भारी बारिश के कारण शिमला जोन में अभी भी 226 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हुईर् हैं। शिमला से चौपाल के लिए यातायात सेवा बहाल हो गई हैै। पथ परिवहन निगम द्वारा चौपाल केे लिए बसें भेजी गई हैं। बस सेवा बहाल होने से चौपाल क्षेत्र में फंसेे स्कूली बच्चोंं को रेस्क्यू  कर दिया गया है। इसके अलावा निगम द्वारा यात्रियों के  लिए भी चौैपाल बसें भेजी गई हैं। चौपाल के लिए तीन दिन बाद बस सेवा बहाल हुई है, मगर चौपाल व नेरवा में अभी भी अधिकतर ग्रामीण मार्गों पर यातायात सेवा ठप पड़ी हुई है। चौैपाल के विभिन्न क्षेत्रोंं मंें निगम की 26 के करीब बसेें फंसी हुई हैं। इसके अलावा जिला के अन्य क्षेत्रों मंेे भी ग्रामीण मार्ग बंद होने से जनता को दिक्कतों से पूरी तरह निजात नहीं मिल पाई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बंद पड़े मार्गों को बहाल करने केे लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है, लेकिन काफी संख्या में जगह-जगह मार्ग अवरुद्ध होने से बंद मार्गों को बहाल करना लोक निर्माण विभाग के लिए अभी भी चुुनौैती बना हुआ है। मुख्य सचेतक एवं संयोजक जनमंच नरेंद्र बरागटा ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के अंतर्गत भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों में से अधिकतर सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। नरेंद्र बरागटा ने बताया कि जुब्बल-नावर-कोटखाई क्षेत्र में सेबों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों का मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त सड़कों में पर्याप्त मात्रा में मशीनरी व अन्य उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने उपमंडलाधिकारी रोहड़ू तथा उपमंडलाधिकारी ठियोग को निर्देश जारी कर बरसात के कारण हुए नुकसान का मूल्यांकन कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जुब्बल-नावर-कोटखाई की सड़कों को जल्द बहाल करने के लिए अधिकारियों की सराहना भी की। लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त अन्य संपर्क सड़कों को भी बहाल कर दिया गया है तथा शेष सड़कों को बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के जुब्बल मंडल के अंतर्गत 120 सड़कों में से 111 सड़कें यातायात के लिए सुचारू कर दी गई हैं, शेष सड़कें बहाल करने के लिए पर्याप्त मशीनरी व अन्य उपकरणों को तैनात कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि टिक्कर उपमंडल के तहत 28 सड़कों में से 24 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही आरंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कोटखाई मंडल के अंतर्गत आने वाली वर्षा के कारण अवरुद्ध हुई 31 सड़कों में से 23 सड़कें यातायात के लिए खोल दी गई हैं, जबकि 08 सड़कों का मरम्मत कार्य जारी है।

रामपुर और चौपाल में भी हालत खराब

शिमला जोन मंंे भारी बारिश के चलते अभी भी 226 सड़कंे अवरुद्ध पड़ी हुई हैं। राज्य आपदा प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के तहत जिला शिमला में सबसे ज्यादा सड़कें रोहडू में बंद हैं। इसके अलावा रामपुर व चौपाल में काफी संख्या में मार्ग अवरुद्ध बताए जा रहे हंै।

मौसम खुलते ही सेब सीजन ने पकड़ी रफ्तार

जिला शिमला में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। ऊपरी क्षेत्रों से काफी संख्या में सेब की फसल फल मंडियों तक पहुंचने लगी है। बीते दिनों के दौरान भारी बारिश ने सेेब सीजन की रफ्तार पर बे्रेक लगा दी है। हालांकि अभी भी कई स्थानोें पर मार्ग बंद होने से बागबानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैैं, मगर जिला में जल्द ही मार्गों के बहाल होने से सेब सीजन के ज्यादा रफ्तार पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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