264 में से सिर्फ 33 स्कूल आईसीटी से जुड़े

कांगड़ा -जिला कांगड़ा में आधुनिक समय के अनुसार विद्यार्थियों को पढ़ाने को जारी किए गए निर्देशों का पालन सरकारी स्कूल के मुखिया नहीं कर रहे हैं। जिला में 264 स्कूलों में से केवल 33 स्कूलों को ही इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) फेस-2 से अब तक जोड़ा गया है। स्कूलों द्वारा अपनाए जा रहे इस ढुलमुल रवैये को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने निर्देश जारी करते हुए जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करने को कहा है। इतना ही नहीं, स्कूलों को विभाग ने आईसीटी फेस-2 के तहत के-यान को इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ने और के-यान के माध्यम से टीचिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2004 में स्कूलों में आईसीटी को शुरू किया गया था। इसके बाद वर्ष 2010 में सेकेंडरी स्टेज के बच्चों को उनकी आईसीटी में स्किल को बढ़ाने का अवसर प्रदान करने के लिए इसे संशोधित किया गया था।  आईसीटी फेस-2 में स्कूलों को अटैच करने बारे जुलाई माह में भी जिला के राजकीय सीनियर सेकेंडरी और राजकीय हाई स्कूलों को निर्देश जारी किए गए थे। बावजूद इसके कई स्कूल इन निर्देशों के प्रति लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं। शिक्षा विभाग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्धारित समय के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा  करने के निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो स्कूल निर्देशों के तहत कार्य नहीं करेंगे, उन्हें डिफाल्टर घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं, स्कूलों में शिक्षा विभाग ने आईसीटी फेस-2 में स्कूलों को के-यान के इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ने और के-यान के माध्यम से पढ़ाई सुनिश्चित करने के स्कूल मुखियाआें को निर्देश दिए हैं। इस प्रोसेस के तहत वीडियो बनाकर उन्हें डीपीओ, एएनओ(आईसीटी) और सभी बीआरसीसी (अपर प्राइमरी) के साथ साझा करना होगा। इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा भी मॉनीटरिंग की जा रही है तथा निर्देशों की अवहेलना पर स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाएगी।  जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक गुरदेव सिंह ने बताया कि आईसीटी से अभी तक नहीं जुड़े स्कूलों को शीघ्र इस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार कार्य न करने वाले स्कूलों को डिफाल्टर घोषित करते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी।

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