अगले साल दिसंबर में होंगे पंचायतीराज चुनाव

शिमला -हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव अगले साल दिसंबर में होंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियों शुरू कर दी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आयोग ने प्रदेश की सभी पंचायतों में मतदाता सूचियों में संशोधन का काम शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार पंचायतीराज संस्थाओं के साथ-साथ शहरी निकाय के चुनाव करवाने की सोच रही है। हालांकि नगर निगम धर्मशाला का चुनाव अगले साल दिसंबर में ही तय है, लेकिन नगर निगम शिमला के लिए डेढ़ साल का गैप पड़ेगा। ऐसे में शहरी निकाय के चुनाव भी एक साथ करवाने के लिए नगर निगम शिमला एक्ट में संशोधन करना पड़ेगा। एमसी शिमला का कार्यकाल जून 2022 में पूरा होने वाला है। कुल मिलाकर डेढ़ साल का गैप पड़ रहा है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार नगर निगम  रूल में संशोधन कर सकती है ताकि दोनों नगर निगम, पंचायतीराज, नगर परिषद, नगर पंचायतों का चुनाव एक साथ हो सके। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार अब हिमाचल में नगर निगम, शहरी निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ करवाना चाहती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या शिमला नगर निगम के चुनाव समय से पहले करवाना है। हालांकि पंचायती राज मंत्री इस बारे में साफ कह चुके हैं कि पंचायतीराज और शहरी निकाय के चुनाव एक साथ करवा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में प्रदेश की सभी पंचायतों सहित सभी शहरी निकायों, नगर निगम शिमला को छोड़कर, में चुनाव हुए थे, जबकि नगर निगम शिमला का चुनाव 2017 को हुआ था। प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव दिसंबर 2020 में करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में दो नगर निगम शिमला और धर्मशाला के अलावा 52 नगर निकाय हैं। इन 52 नगर निकायों में 31 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतें शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश में 12 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियां और 3226 ग्राम पंचायतें हैं। प्रदेश में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला परिषदों व नगर निकायों में एक साथ चुनाव करवाने से 29324 पदों के लिए चुनाव एक साथ करवाने की तैयारी हो रही है। रूल में संशोधन को लाना पड़ेगा अध्यादेश ः नगर निगम शिमला का चुनाव पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव एक साथ करवाने के लिए नगर निगम रूल में संशोधन करना पडे़गा। कारण यह है कि जिस समय चुनाव होगा, उस वक्त नगर निगम शिमला का डेढ़ साल का कार्यकाल शेष रहेगा। लोकसभा चुनावों के बाद 3.76 लाख नए मतदाता प्रदेश में बने हैं। वर्तमान में 54 लाख 76 हजार मतदाता हैं। वर्ष 2015 के पंचायत चुनावों में 43 लाख वोटर्स थे। राज्य निर्वाचन आयोग और पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के पंचायत चुनावों के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने प्रदेश सरकार से पुनर्सीमांकन सहित अन्य मसलों को 31 मार्च से पहले निपटाने को कहा है।

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