अवैध कटान पर बीओ दो फोरस्ट गार्ड अंदर

नयनादेवी में खैर काटने पर विजिलेंस का शिकंजा

स्वारघाट – नयनादेवी बीट में हुए खैरों के अवैध कटान मामले में विजिलेंस ने तीन वन कर्मियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए कर्मियों में एक बीओ और दो फोरेस्ट गार्ड शामिल हैं। शनिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को चार सितंबर तक रिमांड पर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार दो साल पहले नयनादेवी वन बीट में खैरों का बड़े स्तर पर अवैध कटान हुआ था। बताया जा रहा है कि सलाओ, भाखड़ा बड़ोह और कोट व बस्सी में खैरों का अवैध कटान किया गया था। हालांकि पहले सात हजार के आसपास पेड़ों के कटान का आकलन किया गया था, लेकिन वन विभाग द्वारा की गई जांच में 25 हजार पेड़ कटान पाया गया। समतैहणी निवासी रामस्वरूप नामक एक व्यक्ति ने इस मामले की प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। इससे पहले मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने अपने स्तर पर जांच की थी और बाद में मामला पुलिस के सुपुर्द किया गया, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय से आदेशों के बाद इस मामले की जांच का जिम्मा विजिलेंस को सौंपा गया था। विजिलेंस सभी पहलुओं पर गौर करते हुए जांच कर रही थी और कई बार इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की गई। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पिछली शाम को विजिलेंस के एएसपी कुलभूषण वर्मा की अगवाई में बिलासपुर में बीओ और दो फोरेस्ट गार्ड को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस अधीक्षक डा. डीके चौधरी ने बताया कि बीओ समेत दो फोरेस्ट गार्ड को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें न्यायालय से चार सितंबर तक रिमांड मिला है। इस मामले में पूछताछ की जाएगी और पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं, जिनके आधार पर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बिलासपुर वनमंडल के डीएफओ सरोजभाई पटेल ने बताया कि हालांकि उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं है, लेकिन सूचना के तहत विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए गए बीओ और दो फोरेस्ट गार्ड पहले नयनादेवी बीट में कार्यरत थे।

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