आंध्र प्रदेश: तेज हुई टीडीपी -वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक लड़ाई, चंद्रबाबू नायडू बेटे संग नजरबंद

चंद्रबाबू नायडू और बेटा नजरबंदआंध्र प्रदेश में मौजूदा वाईएसआरसीपी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी के बीच जारी टकराव ने बड़ा मोड़ ले लिया। पूर्व सीएम नायडू पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओ के साथ गुंटूर जिले में सरकार के विरोध में रैली करने वाले थे। हालांकि, रैली की इजाजत न मिलने पर उन्होंने भूख हड़ताल करने का फैसला किया जिसके बाद उन्हें और उनके बेटे नर लोकेश को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया है।

राजनीतिक हिंसा के खिलाफ रैली
दरअसल, टीडीपी ने बुधवार को गुंटूर के पलनाडू में ‘चलो आत्मकूरु’ रैली बुलाई थी। पार्टी वाईएसआरसीपी सरकार में राजनीतिक हिंसा के आरोप में रैली करने वाली थी। हालांकि, आंध्र प्रदेश पुलिस ने पार्टी को रैली की इजाजत दिए जाने से इनकार कर दिया और नरसरावपेटा, सत्तेनापल्ले, पलनाडू और गुराजला में धारा 144 लागू कर दी गई। पुलिस ने राज्य में टीडीपी के कई नेताओं को भी नजरबंद कर दिया।

नजरबंद नायडू
टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू सुबह 9 बजे आत्मकूरु के लिए निकलने वाले थे लेकिन उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने अपने घर पर ही 12 घंटे तक भूख हड़ताल का ऐलान किया। उन्होंने टीडीपी काडर से भी भूख हड़ताल रखने को कहा। बाद में उन्हें और उनके बेटे नर लोकेश को नजरबंद कर दिया गया। टीडीपी के साथ ही वाईएसआरसीपी के नेताओं को भी नजरबंद किया गया है ताकि उन्हें टीडीपी के जवाब में रैली करने से रोका जा सके।

‘लोकतंत्र की हत्या’
लोकेश ने पूरे घटनाक्रम को तानाशाही बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन लोगों को गैरलोकतांत्रिक तरीके से रोका गया है। उन्होंने कहा, ‘टीडीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। वाईएसआरसीपी विधायकों ने हमे खुलेआम धमकाया है, उनका कहना है कि पुलिस उनके साथ है।’ उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल उनकी पार्टी को राज्य में खत्म करने की कोशिश कर रहा है। लोकेश ने कहा, ‘हम लोकतांत्रिक तरीकों से अपना काम करेंगे लेकिन हमारे नेतृत्व को नजरबंद कर दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है।’

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