आढ़ती को ढूंढने 200 किमी दूर से पहुंचे बागबान

16 बागबानों ने बकाया राशि अंकित कर सचिव को दी लिखित शिकायत; बोले, आढ़ती कर रहा टालमटोल

सोलन –सेब की बकाया पेमेंट समय पर न मिलने से अब बागबानों के सब्र का बांध टूटने लगा हैं। अपनी खून पसीने की कमाई को डूबने के डर से चौपाल, रोहडू एवं जुब्बल के कुछ बागवानों ने सोमवार को एपीएमसी सोलन स्थित आढ़ती के निजी कार्यालय में धावा बोला। लेकिन दिनभर इंतजार करने के बाद भी इन्हें यहां आढ़ती नहीं मिला। इसके बाद मंडी पहुंचे 16 बागबानों ने सेब की बकाया राशि अंकित किया हुआ एक शिकायत पत्र सचिव कृषि उपज एवं मंडी समिति को सौंपा। मांग की कि संबंधित आढ़ती से इनकी करीब 24 लाख रुपए की बकाया पेमेंट को किसी तरह निकलवाया जाए और आगे के लिए इसका लाइसेंस रद्द किया जाए। इस शिकायत पत्र में कहा गया है कि इन्होंने शॉप नंबर-52 (एसएससी) के आढ़ती को सेब बेचे हैं। सेब बेचने के बाद वह पेमेंट के लिए 5-6 बार चक्कर काट चुके हैं। बावजूद इसके आढ़ती हर बार टालमटोल करता है। इनका कहना है कि कई बागबान तो करीब 200 या इससे अधिक किमी से पैसे खर्च कर यहां आए हुए है। लेकिन हर बार इन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। इनका कहना है कि आढ़ती द्वारा पैसे न दिए जाने के एवज में खर्च चलाना कठिन हो गया है और दिहाड़ीदारों एवं कार्टन का पैसा भी नहीं दिया जा रहा। जिस कारण इन्हें अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इन्होंने सौंपी लिखित शिकायत.

जिन बागबानों ने सचिव मंडी समिति को लिखित शिकायत दी इनमें मटासा गांव, जुब्बल के दिनेश, शिहली तहसील चौपाल के अक्षय, मंढोल जुब्बल के मोतीलाल भाजटा, धानजीऊ रोहडू के  दिवान चंद, धारकोटी जुब्बल के यशपाल, भटाड़ जुब्बल के किरपा राम, बनलोड़ी जुब्बल के जयसुख, सदरौणा तहसील चौपाल के संजीव जिंटा, झरग तहसील जुब्बल के मनसुख, चमन लाल, चांद राम, अशोक कुमार और कृष्ण सिंह शामिल है। कहा जा रहा है कि पेमेंट लेने वालों की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन अधिकतर लोगों ने इस बारे शिकायत नहीं दी।

 

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