औहर-बकरोआ में पकड़े आवारा सांड

क्षेत्र के लोगों ने ली राहत की सांस, बल्हसीणा गोशाला पहुंचाए

घुमारवीं-पंचायत औहर व बकरोआ में कुछ समय से लोगों पर  जानलेवा हमले कर रहे आवारा घूम रहे बैलों को पकड़ा। खूंखार हो चुके इन बैलों को पंचायत प्रतिनिधियों, पशुपालन विभाग व  प्रगति समाजसेवा समिति के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ कर बल्हसीणा गोशाला में पहुंचाया। इससे इस इलाके के लोगों ने थोड़ी राहत ली। जानकारी के मुताबिक पंचायत औहर तथा बकरोआ में आवारा बैलों ने आतंक मचा रखा था। क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल बन गया था। खूंखार बन चुके ये आवारा बैल अब तक कई लोगों को घायल कर चुके हैं। लोगों को अपने बच्चे घर से स्कूल भेजना मुसीबत बन गया था, जबकि खेतीबाड़ी करना छूट रहा था, लेकिन आवारा बैलों को पकड़ने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने पंचायत व समाजसेवी संस्था का आभार प्रकट किया है। प्रगति समाजसेवा समिति के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि विशालकाय आवारा पशुओं की तादाद काफी बढ़ गई है। इससे  सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है तथा दिन-प्रतिदिन इनके कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही है, लेकिन इस तरफ  प्रशासन कोई  ध्यान नहीं दे रहा है। छोटे-छोटे बछड़े भी सड़कों पर देखने को मिल रहे हैं, जिससे ज्ञात होता है कि विभाग द्वारा इनका पंजीकरण नहीं किया जा रहा। इनमें कुछ ऐसे पशु भी हैं, जिनको टैग लगे हैं, लेकिन कार्रवाई करने वाला कोई नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर गोशाला तो खोली गई, लेकिन व्यवस्था शून्य है। इसमें हजारों रुपए ऐसे ही व्यर्थ खर्च हो रहे हैं। दिन-प्रतिदिन आवारा पशुओं की तादाद बढ़ती जा रही है, जिसका अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है कि यह पशु कहां से आ रहे हैं। जहां पर 100 पशु थे, वहां आज  700 के करीब बेसहारा पशु  हैं। इसका उदाहरण पनोह गांव के पास देखा जा सकता है।

You might also like