क्राइम ब्रांच को सौंपें प्रवासियों का रिकार्ड

शिमला -हिमाचल प्रदेश में बढ़ रहे आपराधिक मामले देखते हुए प्रवासी मजदूरों का रिकार्ड अब ऑनलाइन होगा। हालांकि पुलिस के पास इसका ब्यौरा नहीं है कि प्रदेश में कितने प्रवासी मजदूर हैं। इसे देखते हुए अब हर जिला पुलिस मुख्यालयों पर प्रवासियों का रिकार्ड ऑनलाइन तैयार होगा। पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रवासी मजदूरों का रिकार्ड वेबसाइट पर दर्शाया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों के एसपी से ब्यौरा भी मांगा है। सभी जिलों के संबंधित थानों से प्रवासियों का लेखा-जोखा जल्द क्राइम ब्रांच पुलिस मुख्यालय में सौंपने को कहा गया है। देवभूमि में हर साल मर्डर, रेप और अन्य आपराधिक मामलों में प्रवासियों की भी संलिप्तता पाई जा रही है। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने कवायद शुरू कर दी है। प्रदेश में आपराधिक मामले उन क्षेत्रों में अधिक आ रहे हैं, जहां प्रवासी मजदूर रहते हैं। हैरानी की बात है कि हिमाचल पुलिस के पास इन प्रवासी मजदूरों का कोई डाटा नहीं है। हालांकि पुलिस की जिम्मेदारी है कि प्रवासी मजदूरों का पूरा ब्यौरा पुलिस की वेबसाइट पर जारी करें, लेकिन हिमाचल पुलिस के पास इनका रिकार्ड नहीं हैं। बताया गया कि प्रदेश के सभी थानों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों का लेखा-जोखा तैयार किया जाता है, मगर पूरा आंकड़ा पुलिस मुख्यालय के पास नहीं हैं। दूसरी तरफ  रेप केस पर भी गौर करें तो आठ महीने में कई बार शर्मसार होना पड़ा।

110 रेप, 57 ने किया सुसाइड

अब तक यानी पहली जनवरी से लेकर 31 अगस्त तक 110 बलात्कार के केस दर्ज हुए हैं। रेप और मर्डर केस में संलिप्त आरोपी अधिकांश पुलिस रिमांड और न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। हिमाचल में खुदकुशी के मामला भी कम नहीं हैं। आठ महीने में 57 लोगों ने अपनी जान किसी न किसी कारण दे दी। बैंक उपभोक्ताओं से ठगी से संबंधित साइबर क्राइम के मामले भी चौंकाने वाला है। इस साल साइबर क्राइम के 88 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें किसी भी आरोपी केखिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई। इसके अलावा नशे का करोबार करने वालों से संबंधित 788 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

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