जल्द बताओ, कैसे गायब हुई फाइल

एचआरटीसी में भ्रष्टाचार प्रकरण पर परिवहन मंत्री सख्त

शिमला – एचआरटीसी मुख्यालय से भ्रष्टाचार मामले की जांच फाइल गायब होने पर परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कड़ा संज्ञान लिया है। ऐसे में अब भ्रष्टाचार मामले कि जांच फाइल गायब करने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। जानकारी के मुताबिक कड़ा संज्ञान लेकर परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने निगम के प्रबंध निदेशक से मामले की तुरंत जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिए हैं। वहीं, मुख्य कार्यालय में यह आदेश पहुंचते ही हड़कंप की स्थिति बन गई है।  उल्लेखनीय है की परिवहन मजदूर संघ ने भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ी फाइल को कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जानबूझकर इसे गायब करने का गंभीर आरोप लगाया था और इस मामले में संलिप्त अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर उनके खिलाफ  एफआईआर दर्ज करने की मांग प्रमुखता से उठाई थी। परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने परिवहन मंत्री द्वारा इस मामले में लिए गए कड़े संज्ञान का स्वागत किया है और भरोसा जताया है कि ऐसी गड़बडि़यों की आदत से मजबूर कुछ अधिकारियों के अनेक मामले इस जांच में उजागर होंगे। शंकर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया के पूर्व प्रबंध निदेशक ने ऐसे अधिकारियों को जानबूझकर संरक्षण दिया और इस मामले में कोई कार्रवाई न करके फाइल को दबाकर रखने में ही समय गंवा दिया। वहीं, दूसरी ओर मुख्य कार्यालय में ही कार्यरत एक मंडलीय प्रबंधक की जमानत याचिका पर सुनवाई 25 सितंबर को हाई कोर्ट में होगी। उसके खिलाफ  ऊना के सदर थाने में धोखाधड़ी और हेराफेरी कर झूठी रिपोर्ट तैयार करने के मामले में धारा 420, 467, 468 471 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। शंकर सिंह ठाकुर के अनुरसा सत्ता परिवर्तन के बाद अब कार्रवाई के डर से महत्त्वपूर्ण फाइलें गायब की जा रही हैं।

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