जुखाला में प्रदेश का पहला साइंस पार्क होगा हाईटेक

75 लाख होंगे खर्च; रंग-रोगन से सजाया जा रहा पार्क, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत 18 स्कूलों के विद्यार्थी करेंगे भ्रमण

बिलासपुर -बिलासपुर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जुखाला में स्थापित किया जा रहा साइंस पार्क आधुनिक बनेगा। राज्य सरकार इस पर 75 लाख रुपए खर्च करेगी। इस राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र को आधुनिक बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत आने वाले 18 स्कूलों के बच्चे इस राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र का भ्रमण करेंगे। डाइट जुखाला के प्रधानाचार्य एवं जिला परियोजना अधिकारी राकेश पाठक ने यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिस पर सरकार पचहतर लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र को आधुनिक बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र के प्रवेश द्वार को रंग सफेदी कर के दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण संस्थान के पार्क की सुंदरता के लिए लगाई गई झाडि़यों की काट-छांट की जा रही है। इसके साथ ही पार्क के चारों ओर बैठने के लिए स्थापित विश्राम स्थलों को हरे रंग एवं लाल रंग से सजाया जा रहा है। राकेश पाठक के अनुसार पार्क में मखमली घास बिछाई जाएगी, जिसका टेंडर कर दिया गया है। इसके साथ ही एपीजे अब्दुल कलाम विज्ञान केंद्र की घास को भी काट दिया गया है। चलने के लिए बनाए गए पक्के रास्ते के दोनों तरफ  लगाई गई झाडि़यों एवं पौधों की भी काट-छांट कर दी गई है। यही नहीं, मॉडल के पार्क को भी सजाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेड ऑक्साइड से रेलिंग को साफ करके लाल हरा और सफेद रंग किया गया है, जिससे उसकी सुंदरता को चार चांद लग गए हंै। उन्होंने बताया कि इस पार्क में और भी नए-नए मॉडल स्थापित किए जाएंगे। वहीं, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत आने वाले अठारह स्कूलों के बच्चे इस राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र का भ्रमण करेंगे।

जिला के सभी स्कूलों के मुखियाओं से साइंस पार्क मंे छात्रों को भेजने का आह्वान

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के जिला समन्वयक देशराज ने जिला के सभी स्कूल मुखियाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विद्यालय के बच्चों को इस राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र में भेजना सुनिश्चित करें, ताकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को विज्ञान के प्रति और ज्यादा प्रेरित किया जा सकें। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय विज्ञान केंद्र में आने से पहले जिला समन्वयक से तिथि और समय जरूर लें, ताकि समय का पूर्ण सदुपयोग हो सके और राज्य परियोजना निदेशक के दिशा-निर्देशों का भी पालन किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मॉडल पार्क में स्थापित विभिन्न मॉडल से बच्चे रू-ब-रू हो सकेंगे और उनका ज्ञान और ज्यादा विकसित हो सकेगा।

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