डिजिटल पंजाब मिशन का आगाज

अमरेंदर कैबिनेट ने ई-शासन पहल के लिए आईटी काडर गठन को दी मंजूरी

चंडीगढ़ – पंजाब कैबिनेट ने अपनी ई…शासन पहल ‘डिजिटल पंजाब’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोमवार को एक विशेष आईटी काडर गठित करने का निर्णय लिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चयन मापदंड और काडर प्रबंधन को मुख्यमंत्री द्वारा गठित एक समिति द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा। काडर के तहत भर्ती किए जाने वाले कर्मियों को राज्य सरकार के विभागों में तकनीकी दिशानिर्देश और सहयोग प्रदान करने के लिए तैनात किया जाएगा। यह ई..शासन/एम (मोबाइल) …शासन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल विभागों को तकनीकी सहायता और उनका समय से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा। पंजाब सरकार के ‘डिजिटल पंजाब’ अभियान के तहत राज्य में सरकारी कामकाज के पुराने तरीकों को बदल कर राज्य को डिजिटल तरीके से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदला जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए ‘पंजाब पारदर्शिता एवं जन सेवाएं प्रदान करने में जवाबदेही’ अधिनियम, 2018 लागू किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाएं तय समयसीमा में उपलब्ध कराना है। पंजाब सरकार ने विभिन्न संबद्ध विधानों में संशोधन के माध्यम से राज्य में योग्य सिविल सेवा कर्मियों के लिए भर्ती नियमों में ढील देने का भी निर्णय लिया है। इससे उन पदों को भरने का मार्ग प्रशस्त होगा जो उपयुक्त उम्मीदवारों के उपलब्ध नहीं होने के चलते खाली रह गए थे। इस बारे में फैसले की घोषणा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद की गई।

विधायकों संग तालमेल बनाए रखें मंत्री

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मंत्रियों को अपने विभागों के लिए व्यापक कार्य योजना बनाने तथा विधायकों के साथ तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इस आशय का निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। कैप्टन सिंह ने पिछले तीस महीनों के दौरान सरकार के कामकाज की प्रगति और विकास योजनाओं को लेकर चर्चा की।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में पैदा हुए वित्तीय संकट के बावजूद अपनी सरकार के अब तक के कार्यों पर संतोष जताया। अपनी सरकार के अढ़ाई साल पूरा होने तथा शेष कार्यकाल के लिए विस्तृत रणनीति तैयार करने के बारे में मुख्यमंत्री ने ठोस कार्य योजना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत पर ज़ोर दिया।

नई कस्टम मिलिंग नीति पर भी मुहर

पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब कस्टम मिलिंग पॉलिसी फॉर पैडी (खरीफ 2019-20) को सोमवार को मंजूरी दे दी। इस नीति के तहत चावल को अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की सूरत में आपराधिक दंड समेत अन्य सुरक्षा उपबंध किए गए हैं। इस स्कीम का उद्देश्य केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार पंजाब की खरीद एजेंसियों (पनग्रेन, मार्कफैड, पनसप, पंजाब राज्य गोदाम निगम) और पंजाब एग्रो फूडग्रेन्ज़ निगम और भारतीय खाद्य निगम) धान की खरीद करें तथा धान की मिलिंग के लिए राज्य में चल रही चार हजार से अधिक मिलों से चावल समय पर केंद्रीय पुल में देना है। राज्य के खाद्य, सिविल सप्लाईज़ और उपभोक्ता मामलों संबंधी विभाग नोडल विभाग के तौर पर काम करेगा।

You might also like