‘दिव्य हिमाचल’ की कॉफी टेबल बुक लांच

By: Sep 17th, 2019 12:05 am

पीटरहॉफ में इंजीनियर्स-डे पर मुख्यमंत्री जयराम के हाथों हुआ 18 हस्तियों की ‘हिमाचल रत्न’ का विमोचन

इंजीनियर्स-डे के मौके पर पीटरहॉफ में ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप के सौजन्य से आयोजित सेमिनार के दौरान ‘दिव्य हिमाचल’ की कॉफी टेबल बुक की भी लांचिंग की गई, जिसमें कई रत्नों को समाहित किया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किताब का विमोचन किया। इस किताब में प्रदेश की 18 हस्तियों को शामिल किया गया है। अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रत्नों को प्रदेश भर से चुनकर इसमें स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री के हाथों इन रत्नों को पुरस्कृत किया गया। शिक्षा क्षेत्र, उद्योग क्षेत्र, स्वास्थ्य, दक्षता, नवाचार और सेवा क्षेत्रों में बेहतरीन सेवाएं देने वाले रत्न शिमला के पीटरहॉफ में सुशोभित थे, जिन्हें मीडिया गु्रप ने सम्मानित किया …..                                               

—शकील कुरैशी, शिमला

यह किताब नहीं, 18 हस्तियां हैं

‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने कॉफी टेबल बुक की चर्चा करते हुए कहा कि यह किताब केवल एक किताब नहीं है बल्कि 18 हस्तियां हैं, जिसमें निजी क्षेत्र पूरी तरह से शामिल है। सरकारी व निजी क्षेत्र, दोनों इसमें समाहित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में निवेश लाने का प्रयास कर रही है और निवेश निजी क्षेत्र ही ला सकता है। 85 हजार करोड़ का एक बड़ा टारगेट सरकार ने रखा है, जो हिमाचल के सपने और उसके मस्तक को ऊंचा करता है। इसमें निजी क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। उसी के कुछ पन्ने ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप ने कॉफी टेबल बुक में उकेरे हैं।

हिमाचल के रत्नों को हमारा सलाम

‘दिव्य हिमाचल’ ने शिक्षा-स्वास्थ्य-उद्योग-दक्षता-नवाचार-सेवा में नाम कमाने वाले नवाजे

हमीरपुर को शिक्षा हब बनाने वाले आरसी लखनपाल

शिक्षा क्षेत्र में अहम योगदान देने वाले हमारे पहले रत्न बने हमीरपुर के लंबलू के शिक्षाविद आरसी लखनपाल। इनकी सराहनीय सेवाओं को ‘दिव्य हिमाचल’ ने सम्मान दिया। हमीरपुर को शिक्षा हब बनाकर राजस्थान के कोटा के मुकाबले में खड़ा करने में इनका अहम योगदान रहा है। वर्तमान में वह हिम अकादमी प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।

नेवी छोड़ अंतरराष्ट्रीय शिक्षा देने में जुटे विपिन शर्मा

शिक्षा रत्नों में एक द्रम्मण (शाहपुर) के रहने वाले विपिन शर्मा हैं, जिन्होंने समाज के लिए धन-दौलत ठुकरा दी। नौ सेना में समुद्री अभियंता की नौकरी छोड़ उन्होंने समाज की नई पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देने का बीड़ा उठाया। बनूरी में उन्होंने क्रिसेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोला, जहां बच्चों के लिए हर सुविधा उपलब्ध है।

21 साल की उम्र में टॉप बिजनेसवूमन बनीं अनिता शर्मा

प्रदेश के श्रेष्ठ उद्यमियों की सूची में अगर अनिता शर्मा का नाम न हो, तो वह सूची अधूरी है। हिल्सक्वीन शिमला के मालरोड पर प्रदेश का प्रतिष्ठित तनिष्क शोरूम शुरू करने का श्रेय अनिता शर्मा को जाता है। कम्प्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त कर मात्र 21 साल में व्यवसाय के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी कंपनी को टॉप बिजनेस कंपनी के रूप में स्थापित कर दिया।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा नाम राजेंद्र वशिष्टा

उद्योग रत्न अवार्ड से थानाकलां के राजेंद्र वशिष्टा को भी सम्मानित किया गया। ओवरऑल सर्विस परफार्मेंस, बेस्ट कस्टमर सेटिस्फेक्शन, बेस्ट इंस्टीच्यूशनल, हाइएस्ट सेंट्रो सेल अवार्ड भी इनके नाम दर्ज हैं। राजेंद्र वशिष्टा ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस समय प्रदेश में बड़ा नाम हैं, जिन्होंने देवभूमि ग्रु्रप की स्थापना की। देवभूमि गु्रप के पास इस समय 400 से अधिक लोग काम करते हैं।

सेहत के रखवाले डा. संजय अग्रवाल को स्वास्थ्य रत्न

‘दिव्य हिमाचल’ का स्वास्थ्य रत्न पुरस्कार डा. संजय अग्रवाल को मिला। प्रसिद्ध चिकित्सक डा. संजय समाज सेवा से जुड़ा एक चर्चित चेहरा हैं। सत्य साई सेवा संगठन में प्रदेशाध्यक्ष का ओहदा भी उन्हीं के पास है। हेल्प एवर, हर्ट नेवर का अनुसरण करने वाले डाक्टर सोलन के साई संजीवनी अस्पताल और चिकित्सा विज्ञान संस्थान के प्रबंध निदेशक भी हैं।

दक्षता रत्न एसजेवीएनएल के सीएमडी नंदलाल शर्मा

‘दिव्य हिमाचल’ का दक्षता रत्न पुरस्कार एसजेवीएनएल के सीएमडी नंदलाल शर्मा को मिला। एचएएस की नौकरी छोड़ बिजली क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी एसजेवीएनएल में टॉप पॉजीशन तक पहुंचे नंदलाल शर्मा की अपनी अलग ख्याति है। बिलासपुर के डोहक के नंदलाल शर्मा ने मूल्यों के साथ कभी समझौता नहीं किया।

हिमाचल में नए इंजीनियर तैयार करते डीएन शर्मा

शिक्षा रत्नों में हमारे दूसरे रत्न हैं अर्णव सात्विक विद्या मंदिर शिमला के प्रबंध निदेशक डीएन शर्मा हैं। हिमाचल में मेडिकल और इंजीनियरिंग संस्थानों का नाम लिया जाए, तो एएस विद्या मंदिर सबका लीडर है। सरकाघाट के डीएन शर्मा को सर्वश्रेष्ठ युवा, अखिल भारतीय उत्कृष्टता पुरस्कार, हिमाचल अचीवर अवार्ड, हिमाचल गौरव सम्मान तक मिल चुका है।

ईं. विकास दीक्षित को विदेश से खींच लाई मिट्टी की खुश्बू

छोटी उम्र में बड़ी जिम्मेदारी निभाते हुए हमीरपुर के इंजीनियर विकास दीक्षित ने नए आयाम स्थापित किए हैं। 38 वर्षीय विकास दीक्षित मौजूदा समय में ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल हमीरपुर के चेयरमैन हैं, वहीं ब्लू स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल हमीरपुर के एमडी भी। विदेश में पढ़ाई करने के बाद भी उन्हें यहां की मिट्टी की खुश्बू खींच लाई।

बेदी ट्रैवल्स को ‘हिमाचल उद्योग रत्न’ अवार्ड

उद्योग रत्न अवार्ड बेदी टै्रवल्स को दिया गया। बेदी टै्रवल्स पूरे भारत के अधिकतर स्थानों को कवर करने वाले एचपीटीडी प्रमाणित क्षेत्रीय इनबाउंड और आउटबाउंड टूअर ऑपरेटर हैं। सन 1977 से पहले स्व. रतन लाल बेदी ने भारत भ्रमण करने वाले पर्यटकों की खातिर इसकी स्थापना की थी। अध्यक्ष मनमोहन बेदी और प्रबंध निदेशक मोहित बेदी बेहतरीन तरीके से इस टै्रवल एजेंसी चला रहे हैं।

बिजनेस वर्ल्ड में नए नाम जितेंद्र को व्यापार रत्न

‘दिव्य हिमाचल’ व्यापार रत्न सम्मान जितेंद्र ठाकुर को दिया गया है। भीड़ में कुछ अलग करने का शौक रखने वाले जितेंद्र ठाकुर ने बिजनेस की दुनिया में नया नाम कमा डाला। आज हिमाचल ही नहीं, बल्कि विदेश में भी उनका कारोबार बुलंदियां छू रहा है। पत्रकारिता करने वाले मंडी के भरयारटा के जितेंद्र ठाकुर ने ग्रीन हिल्स कंज्यूमर कंपनी की शुरुआत की और कइयों को रोजगार दिलाया।

लीक से हटकर काम करने वाले आईएएस युनूस

आईएएस अधिकारी युनूस को ‘दिव्य हिमाचल’ ने लीक से हटकर काम करने के लिए सम्मानित किया। कुल्लू में जिलाधीश रहते हुए युनूस के नाम कई उपलब्धियां हैं, जो वर्तमान में अब प्रदेश सरकार के पर्यटन निदेशक के साथ एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक भी हैं। युनूस ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने संपूर्ण समर्पण से दायित्व निभाते हुए आम हिमाचली का जीवन आसान बनाने में योगदान दिया है।

किसानों के सहारा प्रकाश कश्यप को दक्षता रत्न

दक्षता रत्न सम्मान हासिल करने वाला दूसरा व्यक्तित्व मंडी के दुर्गापुर के प्रकाश कश्यप हैं, जिन्होंने कृषकों व बागबानों के लिए बेहतरीन कार्य किया है। मंडी समितियों को शिखर तक पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा है। एपीएमसी सोलन में बतौर सेक्रेटरी तैनात प्रकाश कश्यप की गिनती आज होनहार अधिकारियों में की जाती है। अपनी कड़ी मेहनत के बूते अब तक कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके  हैं।

सीडलिंग-रूट स्टॉक के विशेषज्ञ लोकेंद्र नवाचार रत्न

‘दिव्य हिमाचल’ का नवाचार रत्न सम्मान हासिल करने वाले लोकेंद्र सिंह चौहान युवाओं के लिए प्रे्ररणा का स्रोत हैं। अगर उस वक्त मेहनत से मुंह मोड़ लिया होता, तो कामयाबी की कहानी कैसे लिखी जाती। क्षेत्र का ऐसा कोई विशेषज्ञ या बागबान नहीं होगा, जो उनके बागीचे में नहीं पहुंचा। सीडलिंग व रूट स्टॉक में उन्होंने महारत हासिल की है। उनके पास आज हर किस्म की पौध व कलर स्टोन वैरायटी मौजूद है।

जीने का जज़्बा सिखाते सेवा रत्न हरमेल धीमान

समाज के लिए जीने के जज़्बे का दूसरा नाम हरमेल धीमान है। ‘दिव्य हिमाचल’ ने उन्हें सेवा रत्न सम्मान से नवाजा है। परवाणू के रहने वाले हरमेल धीमान मानवता की असल मूरत हैं।  हरमेल धीमान देश के पहले अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले शख्स हैं, जिन्होेंने देश हित में अपने निजी स्वार्थों को त्याग भविष्य में परिवार के किसी भी सदस्य के लिए आरक्षण का आर्थिक व सरकारी लाभ न लेने की घोषणा की है।

कड़क धूप में चलता हूं इस यकीन के साथ…

पीटरहॉफ में ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने सरकार, हस्तियों से साझा किए विचार

शिमला  – कड़क धूप में चलता हूं इस यकीन के साथ, मैं जलूंगा, तो मेरे घर में उजाला होगा। इन पंक्तियों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत में ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने पीटरहॉफ में उपस्थित जनसमूह को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस मंच पर सरकार साथ थी, वहीं, हिमाचल के निर्माता इंजीनियर्स के अलावा कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग मौजूद थे। इन सभी वर्गों को उपरोक्त पंक्तियों से एक ही बार में अनिल सोनी ने संपूर्ण संदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि उद्देश्यों में मजबूती हो, इरादों में बुलंदी हो और हिमाचल जैसा प्रदेश हो, जो कभी कमजोर था, मगर आज तरक्की की बुलंदियों पर पहुंच चुका है, इस पर हम सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि परिश्रम के साथ हमने इरादे बुलंद किए, तभी हिमाचल आज इस मुकाम तक पहुंचा है। इसमें ‘दिव्य हिमाचल’ मीडिया गु्रप का भी उतना ही हाथ है, जितना प्रदेश के दूसरे वर्गों का। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शालीनता की तस्वीर हैं। शालीनता जो पुरुष को युग पुरुष बना देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से अभिनंदन करते हुए कहा कि जयराम ठाकुर ने राजनीति जैसे सख्त क्षेत्र को मुलायम बना दिया है। उन्होंने कहा कि हरेक क्षेत्र में हिमाचल के नायकों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने समारोह में पहुंचे सरकार के मंत्रियों का भी आभार जताया और कहा कि आज जिस गंभीर विषय पर चर्चा हुई, उसमें राजनीति से हटकर मंत्रियों के भी सरोकार बोले हैं। उन्होंने राजनीति की बात नहीं करते हुए हिमाचल की बात की है। उधर, कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों का आभार जताते हुए ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी ने कहा कि कई सालों में हिमाचल प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उनसे हर हिमाचलवासी गौरवान्वित महसूस करता है, जिसमें समाज के हर क्षेत्र के व्यक्तियों ने अपना भरपूर सहयोग दिया है।

एक साथ शुरू हुआ सीएम और दिव्य हिमाचल का सफर

प्रधान संपादक अनिल सोनी ने कहा कि यह इत्तेफाक ही है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इससे पहले भी ‘दिव्य हिमाचल’ के कार्यक्रम में शिमला में ही मिले थे और उन्होंने तब याद दिलाया था कि एक नौजवान जो आज प्रदेश की बागडोर संभाल रहा है, उसका राजनीतिक सफर भी तभी शुरू हुआ, जब हिमाचल में ‘दिव्य हिमाचल’ का आगाज हुआ। दोनों के कदम एक साथ चले, जो इत्तेफाक ही है।

महिलाओं को शिक्षा देने वाले बृज बिहारी लाल बुटेल

हमारे एक और शिक्षा रत्न पुरस्कार के हकदार बने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल, जो विशेष तौर पर इस सम्मान के लिए शिमला पहुंचे थे। महिला शिक्षा को समर्पित उनका संस्थान केएलबी डीएवी कालेज फॉर गर्ल्ज विशेष पहचान रखता है। अपनी स्वास्थ्यवर्धक जलवायु के साथ हरे-भरे चाय बागानों की गोद में छिपा यह कालेज पढ़ने के लिए एक आदर्श स्थान है। विभिन्न संकायों में लड़कियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए अग्रणी संस्थान, ज्ञान और महिला सशक्तिकरण का एक प्रतीक है। संस्थान ने हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों के शिक्षा क्षेत्र में रचनात्मक और सार्थक योगदान दिया है। कालेज की प्रबंध कमेटी के पहले अध्यक्ष स्व. कन्हैया लाल बुटेल, स्व. बंसी लाल बुटेल, स्व. कुंज बिहारी लाल बुटेल और वर्तमान अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल कृतज्ञता की गहरी भावना दर्ज करने की इच्छा रखते थे।

जब सीएम ने की एक और गज़ल की गुज़ारिश

पीटरहॉफ में छोटे गुलाम अली ने मदहोश किए दर्शक; हम तेरे शहर में आए हैं, मुसाफिर की तरह पर नहीं रुकी तालियों की गड़गड़ाहट

शिमला – इंजीनियर्स-डे सेलिब्रेशन और कॉफी टेबल बुक के विमोचन के मौके पर गज़लों का भी खूब दौर चला।  इसके साथ हास्य कलाकार ने भी यहां प्रतिभा दिखाई। अहम बात यह रही कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी गज़लों के शौकीन लगे, जिन्होंने छोटे गुलाम अली से गुजारिश कर एक और गजल पेश करने को कहा। इस पर पूरा माहौल ही बदल गया। आलम यह था कि मुख्यमंत्री कुछ देर और गज़लें सुनना चाहते थे, मगर समय की बंदिश ने उन्हें रोक दिया। गुलाम अली साहब के मशहूर गीत हम तेरे शहर में आए हैं, मुसाफिर की तरह, से छोटे गुलाम अली कृष्ण कुमार ने खूब समां बांधा। उन्होंने एक के बाद एक तराने छेड़कर माहौल ही बदल दिया। यहां गज़लों का ऐसा दौर चला कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मदहोश दिखे। हमको किसके गम ने मारा, चुपके-चुपके आंसू बहाना याद है, जैसी यादगार गज़लों से उन्होंने खूब वाहवाही लूटी और मेहमानों ने उनका जमकर इस्तकबाल किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जब एक और गज़ल की गुजारिश की तो कृष्ण कुमार ने हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ी सी जो पी ली है सुनाई, जिस पर उन्हें खासी तवज्जो मिली।

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