धर्मशाला में गद्दी युवा आमने-सामने

विशाल नेहरिया-विजय इंद्र करण में मुकाबला, चार दशक बाद बदला चेहरा

धर्मशाला –प्रदेश की राजनीति में ऊंचा कद रखने वाले दूसरे प्रमुख सियासी केंद्र धर्मशाला की कमान इस बार युवाओं के हाथ में जाना तय हो गया है। धर्मशाला उपचुनाव में इस बार मुकाबला गद्दी समुदाय के दो युवाओं के बीच होगा। भाजपा व कांग्रेस दोनों बड़े दलों ने जनजातीय वर्ग के युवाओं पर दांव खेला है। भाजपा का पुराना चेहरा भी इसी समुदाय से था, लेकिन कांग्रेस ने पहली बार गद्दी समुदाय पर विश्वास जताया है। ऐसे में दोनों ही युवाओं में मुकाबला रोचक होने की बात कही जा रही है। कांग्रेस ने गद्दी समुदाय से जुड़े युवा नेता विजय इंद्र करण को टिकट दी है, तो भाजपा ने भी गद्दी समुदाय से संबंध रखने वाले युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव विशाल नेहरिया पर दांव खेला है। ऐसे में अब दोनों ही पार्टियों ने जनजातीय वर्ग पर दांव खेला है। कांग्रेस कार्यकर्ता लंबे समय से गद्दी समुदाय के नेता को टिकट देने की मांग कर रहे थे। पार्टी ने इस बार मौके की नजाकत देखते हुए इस समुदाय की मांग पूरी कर दी है। इस बार भाजपा कार्यकर्ता अन्य वर्ग के प्रत्याशी को टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन युवा और जातीय समीकरण देखते हुए पार्टी ने भी गद्दी समुदाय पर एक बार फिर भरोसा जताया है।

पच्छाद रीना कश्यप के हवाले, आजाद लड़ सकती हैं दयाल प्यारी

नाहन। देर से ही सही, परंतु भाजपा ने आखिरकार जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा के उपचुनाव को लेकर पार्टी उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। पच्छाद से भाजपा की युवा नेत्री रीना कश्यप भाजपा की उम्मीदवार होंगी। रीना कश्यप पूर्व में भाजपा के विभिन्न मोर्चों में अग्रणी कार्यकर्ता के रूप में जहां कार्य कर चुकी हैं, वहीं वह पांच वर्ष तक जिला परिषद सिरमौर की सदस्य भी रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी के सभी टिकट के दावेदार रीना कश्यप के समर्थन में विधानसभा उपचुनाव में प्रचार करेंगे। सूत्रों के मुताबिक उपचुनाव में टिकट की प्रबल दावेदार जिला परिषद सिरमौर की पूर्व चेयरपर्सन व जिला परिषद की सदस्य दयाल प्यारी चुनावी मैदान में आजाद उम्मीदवार के रूप में भी अपना भाग्य आजमा सकती हैं। फिलहाल भाजपा उम्मीदवार रीना कश्यप सोमवार को राजगढ़ में अपना नामांकन दाखिल करेंगी, क्योंकि अभी तक उपचुनाव में कोई भी नामांकन कांग्रेस व भाजपा की ओर से दाखिल नहीं हुआ है।

कांग्रेसी एकजुट

टिकट आबंटन से जहां कांग्रेसी खेमा एकजुट नजर आ रहा है। वहीं, भाजपा से जुड़े ओबीसी व ब्राह्मण वर्ग के कुछ नेता बगावती तेवर दिखा सकते हैं। अब देखना यह है कि ये नेता कहां तक बगावत करते हैं।

यहां गद्दी समुदाय दूसरा बड़ा वोट बैंक

धर्मशाला में गद्दी समुदाय दूसरा सबसे बड़ा वोट बैंक है। ओबीसी समुदाय के गोरखा को मिलाकर करीब 36 हजार से अधिक वोटर हैं, तो वहीं गद्दी समुदाय के भी करीब 22 हजार मतदाता हैं। इसके बाद राजपूत करीब दस हजार, ब्राह्मण करीब सात हजार तो एससी वर्ग के करीब छह हजार वोटर हैं।

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