नगर परिषद-विक्रेताओं में तू-तू, मैं-मैं, एक बेहोश

मंडी –सायर का सामान बेचने के लिए नो वैंडिंग जोन में बैठे फड़ी वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। नगर परिषद कर्मियों द्वारा सामान  उठाने पर अच्छी खासी कहासुनी हो गई। इस दौरान एक व्यक्ति बेहोश भी हो गया, जिसे आनन फानन में अस्पताल में उपचार के लिए ले जाना पड़ा। चौहाटा बाजार में दूरदराज के गांवों से सामान बेचने पहुंचे इन विक्रेताओं ने सामान हटाने, महिलाओं    के  साथ बदतमीजी से पेश आने और नो वैंडिंग जोन से सामान हटवाने में  पिक एंड चूज का रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उधर, नगर परिषद ने इस कार्रवाई को नियमों के तहत करार दिया है। चौहाटा बाजार में त्योहारों के मौके पर सड़क किनारे सामान बेचने वालों को सायर से एक दिन पूर्व नगर परिषद के बर्बर रवैये का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह करीब 12 बजे चौहाटा बाजार में सामान बेच रहे कुछ फड़ी वालों को नगर परिषद कर्मियों ने आकर सामान हटाने के लिए कहा। विक्रेताओं ने नगर परिषद कर्मियों से आग्रह किया कि त्योहार के मौके पर उन्हें यहां से न हटाया जाए। बावजूद इसके नगर परिषद कर्मियों ने इन लोगों की एक नहीं सुनी, जिसके चलते दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विक्रेताओं ने नगर परिषद कर्मियों को आगाह किया कि अगर सड़क किनारे सामान बेचने वालों को हटाना है तो फिर पूरे शहर से हटाया जाए। इन लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद कर्मी गरीब फड़ी वालों को चौहाटा से भगाने पर आमादा हंै, जबकि रसूखदार दुकानदार नो वैंडिंग जोन में भी सब्जियां व फलों की दुकानंे सजाकर बैठे हैं। नगर परिषद कर्मियों के फिर भी न मानने पर यह लोग भड़क गए और नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रिश्वतखोरी व भाई-भतीजावाद का आरोप लगाने लगे। कुछ महिलाओं ने तो नगर परिषद कर्मियों पर बदतमीजी से बात करने का भी आरोप लगाया। इसी बीच एक विक्रेता किशन मौके पर ही बेहोश हो गया, जिसके चलते माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि नगर परिषद कर्मियों व दूसरे लोगों ने तुरंत किशन को अस्पताल पहुंचा कर उपचार के लिए भर्ती करवा दिया।

नियमों के तहत हुई कार्रवाई

नगर परिषद मंडी के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी का कहना है कि नगर परिषद कर्मचारियों ने नियमोंं के तहत ही कार्रवाई की है। नो वैंडिंग जोन में ऐसे सामान बेचने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि नगर परिषद कर्मियों ने किसी से कोई बदतमीजी नहीं की है। जब भी किसी फड़ी वाले को इस तरह सड़क किनारे दुकान सजाने से रोका जाता है तो वह नगर परिषद कर्मियों पर कई तरह के आरोप लगा देता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेहड़ी फड़ी या स्ट्रीट वेंडर को हटाने में किसी भी तरह का पक्षपात नहीं किया जाता। सभी पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन कुछ ऐसे दुकानदार भी है,ं जिन्हें कोर्ट ने स्टे दिया है, ऐसे लोगों को सड़क किनारे सामान लगाने से रोक पाना नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

त्योहार पर पैसा कमाने की उम्मीद फीकी

होली हो या फिर दिवाली, रक्षाबंधन हो या बरसात के बाद मनाया जाने वाला सायर का त्योहार हो, मंडी शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़क किनारे दुकानें सजाकर सामान बेचने वालों का बैठना आज से नहीं दशकों से बदस्तूर जारी है। हालांकि प्रशासन ने अब शहर के कई हिस्सों को नो वैंडिंग जोन घोषित कर दिया है, लेकिन त्योहार के मौके पर चंद रुपए कमाने की चाह पाले इन गरीब लोगों को किसी जोन से क्या लेना-देना। प्रशासनिक अधिकारियों की दलील है कि नो वैंडिंग जोन बनाने से पहले लोगों की आपत्तियां मांगी गई थीं, लेकिन यह इस बात पर भी गौर करना जरूरी है कि त्योहार पर शहर में दुकानें सजाने आने वाले ये लोग प्रशासन के समक्ष आपत्तियां कैसे दर्ज करवा सकते हैं।

 

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