पत्र बम मामले में पूर्व मंत्री से एक घंटा पूछताछ

पालमपुर में पुलिस टीम ने किए सवाल, सोशल मीडिया में वायरल मैसेज से भाजपा में बवाल

पालमपुर -चर्चित सोशल मीडिया दुष्प्रचार मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री से पूछताछ की है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि पुलिस किस निष्कर्ष पर पहुंची है, लेकिन इससे यह हाई प्रोफाइल मामला काफी करमा गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस टीम ने पूर्व मंत्री से करीब एक घंटे तक इस मसले को लेकर सवाल-जवाब किए हैं। गौर रहे कि इससे पहले पूर्व मंत्री का फोन भी जब्त कर उनको जांच के लिए भेजा गया है। गत मंगलवार को दिन भर पालमपुर में यह चर्चा रही कि पूर्व मंत्री को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, लेकिन ऐसा कुछ सामने नहीं आया था। उधर, बुधवार को पूर्व मंत्री से इस मसले पर करीब एक घंटे तक पूछताछ किए जाने की पुष्टि डीएसपी अमित शर्मा ने की है। गौर हो कि भाजपा के एक कार्यकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर फोड़े पत्रबम ने पालमपुर भाजपा की चर्चा दिल्ली दरबार तक पहुंचा दी है। इस पत्रबम को लेकर पालमपुर से ही राजनीति का सफर शुरू करने वाले एक नेता का नाम जोड़ा जा रहा है। इस सारे घटनाक्रम पर पालमपुर मंडल भाजपा ने कार्रवाई करते हुए संबंधित कार्यकर्ता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पालमपुर में चर्चा में आए सोशल मीडिया पत्रबम ने भाजपा में खींचतान का प्रमाण दे दिया है, वहीं यह क्षेत्र का पहला मामला है, जब किसी बड़े नेता का फोन तक जब्त कर लिया गया। वहीं पूर्व सांसद व एक मौजूदा मंत्री के खिलाफ किए गए दुष्प्रचार का आरोप एक पूर्व मंत्री पर लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए पत्र के आधार पर पुलिस तक पहुंचे मामले में संबंधित कार्यकर्ता के साथ पूर्व मंत्री का फोन भी पुलिस ने जब्त किया है और उनकी जांच करवाई जा रही है। मामला भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व सांसद और एक मौजूदा सरकार के मंत्री को लेकर है और इसके घेरे में एक पूर्व मंत्री का आना साफ संकेत दे रहा है कि पालमपुर में भाजपा में अंदरुनी लड़ाई गहराती जा रही है।

विपक्ष को बैठे-बिठाए सियासी हथियार

धर्मशाला। प्रदेश सरकार के एक मंत्री के खिलाफ भाजपा के ही पूर्व मंत्री के मैसेज को लेकर चर्चाओं का बाजार गरमा गया है। कांग्रेस भी भ्रष्टाचार के मामले को लेकर मुखर होने लगी है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के घेरने वाली भाजपा के घर में मचे घमासान ने विपक्ष को भी बैठे बिठाए बड़ा सियासी हथियार दे दिया है। ऐसे में अब यह मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। उपचुनाव से ठीक पहले उठे इस विवाद से सरकार व भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

उपचुनाव के बाद भाजपा में और मचेगा घमासान

शिमला। प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा की अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए कहा है कि जल्द ही इसके नेताओं की असलियत लोगों के सामने आएगी। प्रदेश में होने वाले दो उपचुनावों के बाद प्रदेश भाजपा में नए राजनीतिक समीकरण पैदा होंगे। कांग्रेस सचिव हरिकृष्ण हिमराल ने कहा है कि भाजपा में अभी तो कथित तौर पर एक पत्र को लेकर ही घमासान चला है, उपचुनाव के बाद तो भाजपा में और भी घमासान मचेंगे। वर्तमान में एक पत्र ने ही प्रदेश सरकार की कारगुजारियों की पोल खोल दी है, इसे लेकर भाजपा के नेताओं में जो हो-हल्ला हो रहा है, उससे साफ है कि इसमें कुछ काला है, जिसे छुपाने की पूरी कोशिश की जा रही है। श्री हिमराल ने कहा है कि  भाजपा सरकार की कारगुजारी की पोल खोलने वाले इस पत्र की पुलिस एफआईआर और इसकी जांच की ऐसी हायतौबा भाजपा के नेताओं द्वारा मचाई जा रही है, मानों जैसे यह पत्र नहीं कोई ऐसा बम था जो फट कर देश व प्रदेश को कोई नुकसान होने वाला था। उन्होंने कहा कि जांच पत्र लिखने वाले की नहीं, उसमें लिखे आरोप की होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि पत्र में आरोप बड़े संगीन हैं, इसलिए सच सब के सामने आना चाहिए।

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