पर्यावरण बचाने में लापरवाही पर 68 कंपनियों को नोटिस

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कसी नकेल, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा-15 के तहत कार्रवाई

शिमला  – प्लास्टिक से पर्यावरण बचाने के अहम मुद्दे पर लापरवाही दिखाने वाली 68 कंपनियों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी कर दिए हैं। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा-15 के तहत कंपनियों पर लापरवाही बरतने को लेकर यह जवाब-तलबी की गई है। हालांकि यदि आगामी कार्यशाला में भी संबंधित कंपनियां नहीं आती हैं, तो इसी धारा के तहत संबंधित कंपनियों पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। गौर हो कि प्रदेश में पहली बार इस अहम मुद्दे पर 16 सितंबर को शिमला में आयोजित अहम कार्यशाला में मात्र बीस कंपनियां ही पहुंच पाई थी। यह मुद्दा अहम इसलिए था, क्योंकि प्लास्टिक के सामान की रिसाइकिलिंग को लेकर संबंधित कंपनियों द्वारा सुझाव देने के साथ उस पर अमल करने की अहम गाइडलाइन जारी की जानी थी, जिससे प्रदेश में संबंधित कंपनियों का सामान बनाकर बेचने के बाद उसे वापस लेने के बारे में कई योजनाएं भी तैयार की जानी थी, जिससे प्रदेश को सौ फीसदी प्लस्टिक फ्री करने पर काम किया जाना था, लेकिन इसमें भाग लेने के लिए कंपनियों ने कोई जिम्मेदारी ही नहीं निभाई। बहरहाल इस पर पीसीबी ने भी सख्ती दिखाई और प्लास्टिक का सामान बनाने वाली लगभग 68 कंपनियों से जवाब-तलब कर दिया है। अकसर प्रदेश में सबसे ज्यादा नमकीन, बिस्कुट, दूध और पानी की बोतल के प्लास्टिक का सामान देखा जा रहा है। इससे प्रदेश को मुक्त किया जाना है। हालांकि प्रदेश प्लास्टिक फ्री है, लेकिल प्लास्टिक के कुछ सामान ऐसे हैं, जो प्रदेश के कोने-कोने में काफी मात्रा में देखे जा सकते हैं। लिहाजा इससे प्रदेश को मुक्त करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंभीरता से काम कर रहा है। फिलहाल यह कार्यशाला इसलिए भी खास थी, क्योंकि सॉलिड वेस्ट मैनेजेमेंट नियमों पर चर्चा कर आगमा कदम उठाया जाना था।

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