पलक झपकते ही मिट्टी में मिल गए आशियाने

प्रदेश उच्च न्यायालय के कड़े निर्देश के बाद नाहन में द्वितीय चरण में अवैध निर्माण गिराए जाने की दूसरे दिन भी जारी रही प्रक्रिया

नाहन –देश उच्च न्यायालय के कड़े निर्देश के बाद सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन में द्वितीय चरण के तहत अवैध निर्माण गिराए जाने की प्रक्रिया मंगलवार को दूसरे दिन जारी रही। नाहन शहर छावनी में तबदील रहा तथा शहर में धारा 144 लागू रही। पुलिस बल हथियारबंद होकर लाव-लश्कर के साथ मंगलवार सुबह दूसरे चरण में गिराए जाने वाले अतिक्रमण व अवैध निर्माण की कड़ी में सर्वप्रथम नगर परिषद कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। उसके बाद जेसीबी के पंजे आहिस्ता-आहिस्ता शहर के गोबिंदगढ़ मोहल्ला की ओर बढ़ने शुरू हुए। इस बात को पूर्ण रूप से गुप्त रखा गया था कि शुरुआत कहां से की जाएगी। लाव-लश्कर के साथ पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारियों व नगरपालिका परिषद के सैकड़ों कर्मचारी जैसे ही दिल्ली गेट से गोबिंदगढ़ की ओर मुड़े तो जेसीबी के पहिए अचानक करीब 200 मीटर की दूरी पर नगर परिषद कालोनी की ओर मुड़ गए। पुलिस ने चारों ओर घेराबंदी कर ली तथा मौके पर तहसीलदार नाहन नारायण चौहान के साथ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर, डीएसपी मुख्यालय पदमदेव ठाकुर के अलावा थाना प्रभारी मानवेंद्र ठाकुर की मौजूदगी में माइक पर एनाउंसमेंट की गई कि नगर परिषद की 81 वर्ग मीटर में बना विनोद कुमार पुत्र लायक राम का मकान पूर्ण रूप से अवैध निर्मित किया गया है। इसके तुरंत बाद दो जेसीबी मौके पर पहुंची तथा विनोद कुमार के मकान को कुछ ही पलों में पीले पंजे से धराशाही कर दिया। विनोद कुमार व उसकी बहन गीता राणा मौके पर अपने आशियाने को उजड़ते देख बेहद ही भावुक हो रहे थे तथा उनकी आंखों से आंसू आशियाने को गिरता देख रोके नहीं रूक रहे थे। मंगलवार को आठ अवैध मकानों को धराशाही किया गया, जिसमें दूसरे स्थान पर गीता राणा का मकान जोकि 21 वर्ग मीटर नगर परिषद की भूमि पर एमसी कालोनी के पास निर्मित था को भी जेसीबी के माध्यम से तोड़ दिया गया। उसके पश्चात लाव-लश्कर गोबिंदगढ़ मोहल्ला की ओर बढ़ा तथा अवतार सिंह व सलिंद्र सिंह का नगर परिषद की 33.54 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध रूप से निर्मित किए गए पक्के मकान को तोड़ दिया गया। इसी मोहल्ले में त्रिलोचन सिंह नजदीक एमसी कालोनी के 110.18 वर्ग मीटर में बने मकान, तेजवीर सिंह मोहल्ला गोबिंदगढ़ नजदीक एमसी कालोनी का 53.75 वर्ग मीटर, जागर सिंह का गोबिंदगढ़ मोहल्ला समीप एमसी कालोनी 75 वर्ग मीटर, गुरमीत सिंह का मोहल्ला गोबिंदगढ़ मोहल्ला एमसी कालोनी में नगर परिषद की 106.45 वर्ग मीटर में निर्मित किया गया तीन मंजिला मकान के अलावा रणधीर सिंह सैणी का गोबिंदगढ़ मोहल्ला नगर परिषद कांप्लेक्स के समीप 64.80 वर्ग मीटर में बने मकान को जेसीबी व नगर परिषद के मजदूरों द्वारा तोड़ा गया। गौर हो कि नाहन शहर में अतिक्रमण व अवैध निर्माण एक बड़ी समस्या बन चुके हैं, जिसके चलते प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लिया था। न्यायालय के आदेश के बाद प्रथम चरण में गत माह 19 अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाए गए थे। दूसरे चरण में सोमवार को 10 अवैध निर्माण तोड़े गए। गौर हो कि नाहन शहर में नगर परिषद द्वारा करीब 142 अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया है। इनमें से कई मकान जहां नगर परिषद की जमीन पर बने हैं, वहीं कई भवन बिना नक्शे के ही निर्मित कर दिए गए हैं। अतिक्रमण व अवैध निर्माण हटाए जाने के दौरान कई स्थानों पर यह भी देखने को आया कि नगर परिषद मात्र खानापूर्ति ही पूरी कर रही है। जिन लोगों के अवैध निर्माण तोड़े जा रहे थे उनका कहना था कि नगर परिषद एक समान नियम सब पर लागू करे।

शहर में अवैध निर्माण हटाने को धारा 144 लागू

शहर में अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान संबंधित क्षेत्र खाकी में तबदील रहा। शहर में धारा 144 लागू रही। नगर परिषद व जिला प्रशासन ने 30 सितंबर को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर जवाब देना है, जिसके चलते नगर परिषद को हरकत में आना पड़ा है। अभी शहर में ओर भी मोटी मछलियां हैं जिनके अवैध निर्माण अभी शेष बचे हैं तथा जिला प्रशासन व नगर परिषद के लिए इन धनाड्य लोगों पर हाथ डालना मुश्किल हो गया है। शहर के लोगों की नजर इस पर भी है कि क्या सभी अतिक्रमणकारियों पर जेसीबी का पंजा एक समान चलेगा।

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