पाइपलाइन से नेपाल जाएगा तेल

भारत ने लांच किया दक्षिण एशिया का पहला क्रॉस बॉर्डर प्रोजेक्ट

नई दिल्ली  – भारत ने दक्षिण एशिया का पहला क्रॉस बॉर्डर प्रोजेक्ट लांच किया है। इसके तहत भारत पाइपलाइन के जरिए सीधे नेपाल में तेल की सप्लाई करेगा। साथ ही यह दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम उत्पादों की पाइपलाइन भी है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने मोतिहारी-अमलेकगंज आयल पाइपलाइन प्रोजेक्ट के संयुक्त उद्घाटन भाषण में दोनों देशों की साझेदारी में बनने वाले प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया। मोदी ने वीडियो लिंक पर जुड़े नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की इस बात की तारीफ की कि उन्होंने इस पाइपलाइन का फायदा नेपाल के नागरिकों को देने का मंगलवार को ही ऐलान कर दिया। मोदी ने कहा कि इस पाइपलाइन से नेपाल में तेल की कीमतें घटेंगी। यानी, इसका फायदा वहां के आम नागरिकों को मिलेगा, इसमें अपनी भागीदारी निभाकर हमें बहुत खुशी हुई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2015 में नेपाल में शक्तिशाली भूकंप आया था। नेपाल फिर से खड़े हो रहा है और भारत इसमें नेपाल का सहयोग करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल के गोरखा और नुवाकोट जिलों में दोनों देशों के सहयोग से लोगों के फिर से घर बसें हैं। इस बात की मुझे खुशी है।

रिकार्ड समय में पूरी हुई लाइन

गौरतलब है कि मोतिहारी-अमलेकगंज पाइपलाइन दक्षिण एशिया का पहला सीमा पार ऑयल पाइपलाइन प्रोजेक्ट है, जो बहुत कम समय में बनकर तैयार हुआ। पीएम मोदी ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत संतोष का विषय है कि दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस बॉर्डर पाइपलाइन रिकार्ड समय में पूरी हुई है। यह अपेक्षा से आधे समय में बनकर तैयार हुई है। उन्होंने कहा कि नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली मई, 2019 में भारत यात्रा पर आए थे, तभी इस प्रोजेक्ट के जल्द उद्घाटन पर सहमति बनी थी। पीएम ने पहले पूरे हुए प्रोजेक्ट्स की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में हमने महत्त्वपूर्ण द्विपक्षीय परियोजनाओं को पूरा किया है। पिछले वर्ष हमने संयुक्त रूप से पशुपतिनाथ धर्मशाला और आईसीपी बीरगंज का उद्घाटन किया था।

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