फिक्र न करें लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र

प्रशासन ने अपने बचाव में रखा अपना पक्ष;जल्द दी जाएगी छात्रों को मूलभूत सुविधाएं, छात्रों का पांचवें दिन भी आंदोलन जारी

शिमला -मूलभूत सुविधाओं के लिए शिमला की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल में छात्रों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। हालांकि प्रशासन द्वारा छात्रों द्वारा किए जा रहे धरने-प्रदर्शन के खिलाफ अपना बयान जारी किया है। छात्रों द्वारा पिछले पांच दिनों से जारी प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने अपने बचाव के लिए अपना पक्ष रखा है,  जिसमें प्रशासन से अपनी सफाई देते हुए कहा है कि विवि में छात्रों को साफ व स्वच्छ पेयजल और हर तरह की सुविधा करवाने के प्रयास किए जा रहे हंै। यूनिवर्सिटी के नए भवनों और कैंपस निर्माण का कार्य जारी है। कैंपस में फोटो स्टेट मशीन भी उपलब्ध करवा दी है। पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब की सुविधा है। वाईफाई सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। छात्रों को जो खाने की शिकायतें आ रही हंै उसे जल्द ठीक किया जाएगा। प्रशासनिक भवन में शौचालय को रूटीन में रात को बंद किया गया था, जिसे अब खोल दिया है। गौर हो कि छात्र आंदोलन के बीच प्रशासन ने 18 से 25 सितंबर तक विश्वविद्यालय बंद करने का फरमान जारी किया है। पांच दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन ने यह रास्ता निकाला है, लेकिन विश्वविद्यालय में साधनों और सुविधाओं की कमी को लेकर छात्र हड़ताल पर हैं और आंदोलनरत छात्र अपनी मांगें पूरी होने तक हड़ताल वापस लेने को तैयार नहीं हैं। आदेशों में साफ कहा गया है कि अगर 20 सितंबर तक कोई छात्र होस्टल खाली नहीं करता है, तो ऐसे छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

मांगें मनवाने को पांचवें दिन भी अड़े रहे छात्र

लॉ यूनिवर्सिटी में छात्रों की मांगों को प्रशासन अनदेखा कर रहा है। छात्रों का कहना है कि पिछले छह महीने पहले की गई हड़ताल में भी मात्र आश्वासन ही मिला सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि उलटा छात्रों की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा उन्हें डराया-धमकाया और होस्टल खाली करने का फरमान जारी किया गया है।

फ्री वाई फाई और मेडिकल तक की सुविधा नहीं

नेशनल लॉ यूृनिवर्सिटी को बने काफी साल हो चुके है इस संस्थान में जहां छात्रों को मूल भूत सुविधाओं से वंछित रखा जा रहा है वहीं संस्थान छात्रों को पढ़ाई के लिए फ्री वाई फाई तक की सुविधा तक नहींं दे पा रहा है। ऐसे में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लॉ यूृनिवर्सिटी में 400 के करीब छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हंै। गौर हो कि यहां छात्र अपनी पढ़ाई करने के लिए अपने परिवार से दूर रहते है। ऐसे में इन छात्रों को संस्थान के आसपास कोई मेडिकल तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि यदि संस्थान में छात्र को रात के समय कुछ हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। छात्रों का कहना है कि कई बार छात्र की देर रात तबियत खराब हो जाती है, तो अस्पताल तक जाने के लिए एबुलेंस तक समय पर नहीं पहुंच पाती है। पिछले पांच दिनों के दौरान लॉ विवि में चल रहे तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने एक बार फिर अपना पलड़ा झाड़ दिया है। हर बार की तरह इस बार भी सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया है।

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