फोस्टेक ट्रेनिंग करवाएं तो कारोबार चलाएं

जिला में फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम का आगाज, 50 कामगारों को दिए टिप्स

मंडी –भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का फोस्टेक यानी फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम मंडी जिला में शुरू कर दिया गया है। बुधवार को सुंदरनगर के ग्रीन वैली होटल में फोस्टेक की पहली कार्यशाला सहायक आयुक्त खाद्य एवं सुरक्षा विभाग अनिल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें ढाबा और होटलों में काम करने वाले करीब 50 कामगारों को ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग के बाद ढाबा-होटल संचालकों को सर्टिफिकेट भी दिए गए। अब  इस सर्टिफिकेट से प्रमाणित होगा कि वहां काम करने वाला स्टाफ हाईजीन और फूड सेफ्टी के लिए ट्रेंड है या नहीं। कार्यशाला में एफएसएसएआई (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ  इंडिया) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अनिल शर्मा ने बताया कि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट में हाईजीन मेंटेन करने के मकसद से फोस्टेक कार्यक्रम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंंट, होटल, ढाबा में काम करने वाले व्यक्ति हाईजीन प्रैक्टिसेज के लिए ट्रेंड नहीं होते। इसलिए एफएएसएआई की ओर से फोस्टेक की शुरुआत की गई है। ट्रेनिंग के लिए चयनित कंपनी के प्रतिनिधियों ने इस दौरान कामगारों और संचालकों को खाना बनाने से लेकर परोसने तक कैसे हाईजीन को मेंटेन किया जाए, इसका प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के बाद कामगारों को दो हैड मास्क, दस्ताने, ऐप्रेन, मुंह के मास्क के साथ एफएसएआई के गोल्डन रूल्ज का चार्ट दिया गया।

फोस्टेक की ट्रेनिंग संबंधी

अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 98943-98096 पर संपर्क कर सकते हैं। सहायक आयुक्त अनिल शर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण सभी एफबीओ (फूड बिजनेस आपरेटर) चाहे रजिस्ट्रेशन हो या लाइसेंस, सबके लिए अनिवार्य है। ट्रेनिंग के लिए 500 रुपए का शुल्क लिया जाएगा। रेहड़ी-फड़ी संचालकों को यह ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट फ्री में दिए जाएंगे। इस मौके पर महादेव व्यापार मंडल के प्रधान प्रकाश चंद गुप्ता भी मौजूद रहे।

25 कामगारों पर एक को देंगे ट्रेनिंग

किसी भी ढाबे, रेस्टोरेंट  में काम करने वाले व्यक्तियों को ट्रेनिंग करवाने होगी। ट्रेनिंग के बाद उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इससे यह प्रमाणित होगा कि उस ढाबे में काम करने वाला स्टाफ  प्रशिक्षित है। किसी ढाबा, रेस्टोरेंट या होटल में 25 व्यक्ति कार्य कर रहे हैं तो एक व्यक्ति को ट्रेनिंग दी जाएगी। 25 से ज्यादा व्यक्तियों पर दो व्यक्तियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके व्यक्ति अपने ढाबा-रेस्टोरेंट में बाकी लोगों को भी ट्रेंड करेंगे।

होटल-ढाबा संचालकों के लिए जरूरी है ट्रेनिंग

फोस्टेक की ट्रेनिंग हर होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालक के लिए जरूरी है। ट्रेनिंग न करवाने वाले संचालकों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल यह ट्रेनिंग सरकार की ओर से करवाई जा रही है। आने वाले दिनों में मंडी, जोगिंद्रनगर, सरकाघाट सहित ब्लॉक स्तर पर यह ट्रेनिंग करवाई जाएगी।

पत्ती, दूध, हल्दी में मिलावट की पहचान होगी आसान

फोस्टेक की ट्रेनिंग में कामगारों को हल्दी, दूध, चायपत्ती सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने के तरीके भी बताए। अब कामगार खाद्य पदार्थों में मिलावट है या नहीं इस बात की भी पहचान कर सकते हैं।

 

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