बारिश के नुकसान का पूरा मुआवजा देंगे

विधानसभा में रखे प्रस्ताव पर बोले मुख्यमंत्री जयराम, केंद्र सरकार से राहत की उम्मीद

शिमला – हिमाचल प्रदेश में इस बरसात से अब तक 1138 करोड़ रुपए का नुकसान आंका जा चुका है। अभी कुछ विभागों के नुकसान का आंकड़ा सामने आना है, जिसके बाद यह राशि और अधिक बढ़ेगी, यह तय है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चंबा और चौपाल क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान को लेकर आए एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर कहा कि राज्य में बरसात से 79 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इसका विस्तृत ब्यौरा केंद्र सरकार को भेजेगी और उम्मीद है कि वहां से इस बार राज्य को नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा। सीएम ने माना कि चंबा जिला में एनएचपीसी व दूसरे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के कारण नुकसान हो रहा है, वहां निर्माण से निकलने वाला मलबा डंप करने के लिए किस तरह की व्यवस्था है, इसे देखा जाएगा और सभी डंपिंग साइट्स की जानकारी उन्होंने मांगी है। उनका कहना था कि एनएचपीसी के प्रोजेक्ट्स की डंपिंग से मलबा बारिश के साथ बह गया और उसने जहां चंबा के भरमौर एरिया में सड़कों व पुलों को नुकसान पहुंचाया, वहीं इस कारण मणिमहेश यात्रा तक रोकनी पड़ी।

नेरवा बाजार में फ्लड प्रोटेक्शन वॉल लगाएं

बलबीर सिंह वर्मा ने कहा कि चौपाल की 95 सड़कें पूरी तरह बंद हो गई थी, जहां नेरवा बाज़ार पूरी तरह खतरे में था। यहां पांच जानें भी गईं, वहीं 14 गाडि़यां खड्ड में बह गई। 217 मकान गिर गए हैं, वहीं एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का भवन भी बह गया। उन्होंने नेरवा बाजार में फ्लड प्रोटेक्शन वॉल खड़ी करने की मांग सरकार से उठाई।

जल्द सुधरेंगे हालात

सीएम ने चौपाल क्षेत्र में भी बारिश से हुए काफी ज्यादा नुकसान पर चिंता जताई और कहा कि सरकारी मशीनरी वहां की सड़कों को बहाल करने व पेयजल योजनाओं को सुचारू बनाने में जुटी है। सीएम ने कहा कि जल्दी ही वहां व्यवस्थाएं बहाल कर दी जाएंगी। इससे पहले विधायक आशा कुमारी ने कहा कि 26 तारीख को बादल फटने से चंबा के भरमौर में काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। यहा प्रोजेक्ट्स का मलबा, जो नाले में डंपिंग कर रहे हैं, सड़कों पर आ गया, जिससे नुकसान हुआ। प्रोजेक्ट्स को यहां डंपिंग साइट्स में मलबा डालने के लिए बाध्य किया जाए और उनकी साइट्स चिन्हित की जाएं।

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