बेसहारा पशुओं को मिली शरण

नालागढ़-पड़ोसी राज्य हरियाणा व पंजाब से सटे औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में विचरण करने वाले बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में समायोजित करने का कार्य आरंभ हो गया है। उपमंडल प्रशासन की पहल पर पशुपालन विभाग व ट्रक यूनियन नालागढ़ के सहयोग से क्षेत्र में घूमने वाले इन बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ने का काम जोरों पर चला हुआ है। प्रथम चरण में औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन से 35 गोवंश को काबू करके इन्हें वाहनों में लादकर गोसदनों में पहुंचाया गया है, जिसमें से बरोटीवाला गोशाला में तीन, दखनूमाजरा में 17 व थाना गोशाला में 15 गोवंश को पहुंचाया गया है। इसे लेकर एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक की थी, जिसमें वरिष्ठ पशु चिकित्सक को नोडल आफिसर नियुक्त किया गया है, वहीं ट्रक यूनियन नालागढ़ ने इन पशुओं को गोसदनों में पहुंचाने के लिए ट्रकों की व्यवस्था की है। जानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ दिया गया है। क्षेत्र में करीब 200 आवारा पशुओं को गोशालाओं में समायोजित करने का अभियान आरंभ हो गया है। इन पशुओं का इससे, जहां संरक्षण होगा, वहीं इन्हें शरणस्थली भी मुहैया होगी। इन पशुओं की बाकायदा टैगिंग की गई है, ताकि इनकी पहचान हो सके और इन्हें क्षेत्र में चल रहे गोसदनों में विस्थापित करना शुरू कर दिया गया है। बता दें कि पड़ोसी राज्य पंजाब व हरियाणा की सीमाओं से यह पशु बीबीएन क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। ऐसे में इन पशुओं को बचाने और उन्हें शरणस्थली देने के अलावा लोगों को इन पशुओं के आतंक से निजात दिलाने की दिशा में यह पहल की गई है। एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि क्षेत्र में घूम रहे बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में छोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसमें विभागों के अलावा सामाजिक संगठनों के लोग सहयोग दे रहे हैं, लेकिन इसमें सबसे अधिक सहयोग लोगों का वांछनीय है, इसलिए लोग इस मुहिम में प्रशासन की बढ़-चढ़कर मदद करें, ताकि बीबीएन इन पशुओं से मुक्त हो सके। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि यदि कोई व्यक्ति पड़ोसी राज्य पंजाब व हरियाणा की सीमा से पशु इस क्षेत्र में छोड़ता है तो तुरंत पुलिस को उसकी सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई  हो सके।

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