मेडिकल कालेज नाहन के छात्रों ने साल में पीया 13.22 लाख का पानी

नाहन –जिला सिरमौर के नाहन स्थित प्रदेश के सरकारी क्षेत्र के तीसरे मेडिकल कालेज डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में सरकार को प्रतिमाह लाखों रुपए की चपत का खुलासा हुआ है। नाहन जैसे छोटे शहर में मेडिकल कालेज के होस्टल व फैकल्टी मैंबर व चिकित्सकों के मात्र आवासीय सुविधा पर प्रतिमाह करीब 13 लाख रुपए की राशि खर्च की जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि मेडिकल कालेज के एमबीबीएस के प्रशिक्षु चिकित्सकों ने मात्र वर्ष 2018-19 में 13.22 लाख रुपए का पानी होस्टल में पिया है। इस बात का खुलासा नाहन क्षेत्र में समाज सेवा में कार्यरत डीडीपी वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों में शामिल सोसायटी के प्रधान मनोज पटेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी दिनेश चौधरी, कोषाध्यक्ष सुशील गोयल के अलावा सदस्य सुधीर रमौल, माइकल डिसूजा व सलीम अहमद ने आयोजित पत्रकार वार्ता में किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के लिए होस्टल व फैकल्टी मैंबर के आवास किराए पर लिए जाने के दौरान मेडिकल कालेज प्रशासन व विभाग द्वारा नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते सरकार को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। पत्रकार वार्ता में चौकाने वाले खुलासे करते हुए सोसायटी के अध्यक्ष मनोज पटेट व मीडिया प्रभारी दिनेश चौधरी ने कहा कि मेडिकल कालेज के छात्रों के होस्टल में लाखों रुपए का पानी विद्यार्थियों को प्रतिमाह खर्च में दिखाया गया है, जबकि पीने के पानी की यदि सप्लाई होस्टल में की जानी थी तो इसके लिए बकायदा टेंडर आमंत्रित किए जाने चाहिए थे। सोसायटी के मीडिया प्रभारी दिनेश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2017-18 में मेडिकल कालेज के होस्टल में 5,02,880 रुपए का पानी पिलाया गया, जबकि वर्ष 2018-19 में 13,22,069 का पानी होस्टल में सप्लाई दिखाया गया है। यही नहीं मेडिकल कालेज के लिए जब फैकल्टी मैंबर को आवास की सुविधा देने के लिए टेंडर मांगे गए तो इसका व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया गया तथा विभाग के पास केवल नाहन के एक आवेदक सचिन जैन के नाम से टेंडर प्राप्त हुआ। आबंटन के लिए निर्धारित की गई छह सदस्यों की कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में यह कह दिया था कि यदि टेंडर में अधिक आवेदन आते तो विभाग को कम किराए में आवास की सुविधा मिल सकती थी। अब वर्तमान में हालत यह है कि मेडिकल कालेज के टाईप-4 सैट का किराया प्रतिमाह 28,069 दिया जा रहा है, जबकि टाईप-3 सैट का किराया प्रतिमाह 17,940 रुपए दिया जा रहा है। इसके अलावा गर्ल्स होस्टल का प्रतिमाह का किराया 273161, ब्वायज होस्टल का 230196, टाईप-4 के 20 आवासीय सैट का प्रतिमाह का किराया 579133, टाईप-3 के नौ आवास का किराया प्रतिमाह 202266 दिया जा रहा है जो कुल 1284756 रुपए की राशि प्रतिमाह मात्र किराए की बन रही है। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी की राशि अलग से है। डीडीपी वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने इस बात का भी खुलासा किया कि बिजली के बिल का भुगतान इसके अलावा दिया जा रहा है। डीडीपी वेलफेयर सोसायटी ने सरकार से मांग की कि मेडिकल कालेज नाहन में हो रही वित्तीय अनियमितताओं व नियमों की अवहेलना के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की जाए।

 

You might also like