मॉनसून सत्र सफल करार, विपक्ष ने भी मानी बात

सेशन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सदन में उठे 527 तारांकित और  236 अतारांकित सवाल

शिमला – हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र कई मायनों में महत्त्वपूर्ण रहा, जो इतिहास में दर्ज होगा। विधानसभा अध्यक्ष डा.राजीव बिंदल ने सत्र को ऐतिहासिक करार दिया, वहीं मुख्यमंत्री के साथ विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने भी इसे बेहद सफल करार दिया। विधानसभा के मॉनसून सत्र में पहली बार 527 तारांकित व 236 अतारांकित सवाल लगे थे। पिछले पांच साल का आंकड़ा सदन में रखा गया और बताया गया कि किस तरह से यह सत्र ऐतिहासिक था। सदन की समाप्ति पर सामने आया कि इसकी पूरी कार्यवाही 47 घंटे 43 मिनट तक चली है। वर्ष 2015 से 2019 के बीच हुए मॉनसून सत्र की पूरी जानकारी रखते हुए विस अध्यक्ष डा. बिंदल ने बताया कि 2015 में 317 तारांकित सवाल, 2016 में 217, 2017 में 80, 2018 में 272 व इस सत्र में 527 सवाल लगे हैं। इसी तरह से अतारांकित 2015 में 126, 2016 में 91, 2017 में 28, 2018 में 84 व 2019 में 236 सवाल लगे हैं। नियम 61 के तहत 2018 में पांच मामले लगे थे, जबकि इस बार 12 लगाए गए हैं, वहीं नियम 62 के तहत 2015 में दो, 2016 में चार, 2017 में शून्य, 2018 में छह व 2019 में 11 मामले लगाए गए। नियम 101 में इस बार चार मामले लगे, जो पहले कभी नहीं लगे हैं। वहीं नियम 130 के तहत सात मामलों को सदन में चर्चा के लिए लाया गया। अध्यक्ष ने बताया कि नियम 130 में 14 घंटे 15 मिनट की चर्चा हुई और 43 विधायकों ने इसमें भाग लिया। इसी तरह से नियम 61 में 13 विधायकों ने चर्चा में हिस्सा लिया और तीन घंटे 18 मिनट तक चर्चा चली। नियम-62 में छह विधायकों ने तीन घंटे तक चर्चा चलाई। इसके साथ सदन में 10 विधेयक पेश किए गए और एक सिलेक्ट कमेटी को भेजा गया।

सीएम बोले, काफी काम किया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि मॉनसून सत्र कभी भी इतना सफल नहीं रहा है, जिसमें काफी ज्यादा काम किया गया है। उन्होंने विपक्ष का आभार भी जताया, परंतु साथ ही कहा कि विपक्ष का आना-जाना सदन में चलता रहा, लेकिन यह परिस्थिति है। सरकार चाहती थी कि विपक्ष हर मुद्दे पर साझा चर्चा करता लेकिन उनकी भी मजबूरियां हैं।

नियम 61 पर चर्चा

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सत्र में काफी ज्यादा बिजनेस था। नियम 61 पर पहली बार यहां चर्चा शुरू हुई, जिसमें विधायकों को अपना सवाल उठाने की इजाजत मिली। उन्होंने नियम 101 में विपक्ष के प्रस्ताव लगाने को लेकर भी बात कही। चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि हम तो कुछ देर के लिए ही सदन से बाहर जाते थे, जो कि सरकार का ध्यान आकर्षिक करने के लिए थ,ा लेकिन भाजपा के नेताओं को अपना समय नहीं भूलना चाहिए।

You might also like