यमुना शरद महोत्सव के अच्छे दिन

महोत्सव को मिला राज्य स्तरीय दर्जा,विधायक सुखराम चौधरी ने किया खुलासा

पांवटा साहिब -मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने वादे के मुताबिक पांवटा साहिब में वर्षों से चले आ रहे यमुना शरद महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा प्रदान कर दिया है। मंगलवार को कैबिनेट में इस निर्णय पर मुहर लग गई है। अब पांवटा साहिब का यह उत्सव और अधिक पहचान हासिल करेगा। यह बात पांवटा साहिब में पत्रकर वार्ता के दौरान पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि गत वर्ष यमुना शरद महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्यातिथि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहुंचे थे। उनसे मांग की गई कि यह उत्सव कई वर्षों से मनाया जाता है, लेकिन इसका दर्जा नहीं बढ़ रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे सीधा राज्य स्तरीय दर्जा देने की घोषणा की थी। आज वह घोषणा पूरी हो गई। विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार के पौने दो साल का कार्यकाल पांवटा साहिब के लिए स्वर्णिम रहा है। इतने कार्य पूर्व की कांग्रेस सरकार के पांच साल में भी नहीं हुए। मुख्यमंत्री पांवटा साहिब के तीन दौरे कर चुके हैं और जितनी घोषणाएं की है वे सभी पूरी भी हो चुकी हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि हर छह महीने में मुख्यमंत्री का दौरा हो और पिछली घोषणाएं पूरी हो चुकी हों। इनमें गिरिपार क्षेत्र में विद्युत बोर्ड का सब-डिवीजन खोलना, पुलिस थाने को स्वीकृति देना, आईपीएच के सब-डिवीजन को स्वीकृति देना, अगले सत्र से अंबोया में आईटीआई की कक्षाएं शुरू करना, बांगरण से भंगानी तक की सड़क को एमडीआर का दर्जा देना जिसकी डीपीआर 44 करोड़ रुपए की तैयार करवाना जिसकी स्वीकृति आ गई है। विकासनगर-भंगानी इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के लिए 44 करोड़ रुपए के पुल की स्वीकृति करवाना, मुगलावाला करतारपुर को हाई स्कूल से जमा दो का दर्जा, तहसील भवन पांवटा का उदघाटन, संतोषगढ़-किशनपुरा पुल का उद्घाटन, खोड़ोवाला और मेहरुवाला में एक करोड़ से दो पुल का निर्माण कार्य शुरू करवाना, संपर्क मार्ग कुलथीना की फोरेस्ट से स्वीकृति करवाना आदि कई ऐसे कार्य हैं जो मात्र पौने दो साल में स्वीकृत और पूरे हुए हैं। इससे ब्रेक डाउन के दौरान पांवटा व शिलाई को दूसरा विकल्प मिलेगा। इस दौरान अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

 

 

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