रघुनाथ दरबार विशेष सेवक देंगे ड्यूटी

भुंतर –अंतरराष्ट्रीय देव समागम कुल्लू दशहरा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्सव की मुख्य कड़ी रघुनाथ दरबार में उत्सव के लिए प्रबंधन तैयार हो गया है और ढालपुर में सजने वाले मेले के लिए इंतजामों में जुट गया है। मंदिर प्रबंधन ने मेले के दौरान रघुनाथ की सेवा में मौजूद रहने वाले विशेष सेवकों को न्यौता भेजने की प्रक्रिया पूरी कर दी है। लिहाजा, पूरे रघुनाथ दरबार में 50 से अधिक सेवक हर साल की तर्ज पर इस बार भी अपनी ड्यूटी संभालेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार सभी सेवकों को रथयात्रा से एक दिन पूर्व मोर्चा संभालने को कहा गया है, जो ये यहां पर अस्थायी शिविर को तैयार करने के साथ अन्य तैयारियों को अंजाम देंगे। सात दिनों तक भगवान रघुनाथ इसी अस्थायी शिविर में विराजमान होंगे और रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार राजा महेश्वर भी दशहरा की परंपराओं को निभाने के लिए सात दिनों तक अपने पूरे परिवार के साथ यहीं पर डेरा जमाएंगे और रघुनाथ की हर रोज होने वाली पूजा में भाग लेेंगे। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को पूरा करने के लिए अभियान को तेज कर दिया है तो रघुनाथपुर में स्थित भगवान रघुनाथ के मंदिर में भी तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। रघुनाथ मंदिर को चमकाया जा रहा है और दूसरी तैयारियों को भी पूरा किया जा रहा है। मंदिर समिति के सभी सदस्यों ने यहां मोर्चा संभाल लिया है तो उत्स्व से पहले विशेष सेवक भी रघुनाथ की ड्यूटी के लिए पहुंच जाएंगे। जानकारी के अनुसार सभी सेवकों को प्रवास के लिए निमंत्रण भेज दिया गया है। भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी को निमंत्रण पत्र भेज दिए गए हैं। उनके अनुसार हर साल रघुनाथ दरबार में उत्सव के दौरान ड्युटी देते हैं। जिला के महाराजा, रूपी, मणिकर्ण, सहित सैंज घाटी के सेवक दशहरा में अपनी भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार आठ अक्तूबर को दोपहर के समय भगवान रघुनाथ अपनी पालकी में सवार होकर निकलेंगे और दोपहर बाद रथयात्रा आरंभ होगी। रूपी घाटी के सेवकों दीवान चंद, महेंद्र सिंह, रोशन लाल, यशपाल ने बताया कि भगवान रघुनाथ के दरबार में सेवा हेतु उन्हे निमंत्रण मिला है और हर साल की तर्ज पर इस बार भी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

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