सऊदी में सैनिक भेजेगा अमरीका, भड़का ईरान

तेहरान – सऊदी के आयल फील्ड पर ड्रोन हमले के बाद से खाड़ी में तनाव बढ़ गया है। सऊदी ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं अमरीका ने सऊदी के अनुरोध पर वहां अपने सैनिकों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। ईरान ने सैनिकों की तैनाती के कदम पर आगाह किया है कि अगर कोई हम पर हमला करेगा, तो वह मुख्य युद्धक्षेत्र बनेगा। रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने बताया कि अमरीकी ने सऊदी में सैनिकों की तैनाती के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक रक्षात्मक रवैया अपनाएंगे और एयर व मिसाइल डिफेंस पर नजर रखेंगे। उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलाम ने कहा कि ईरान किसी भी तरह की स्थिति के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जो भी अपने देश को युद्ध का क्षेत्र बनाना चाहता है, आगे बढ़ सकता है। हम किसी भी देश को हमारे क्षेत्र में युद्ध नहीं लड़ने देंगे। हमें उम्मीद है कि वे रणनीतिक भूल नहीं करेंगे। सलामी ने कहा कि ईरान ने एयर डिफेंस और ड्रोन बनाने में अमरीका के टेक्नोलॉजिकल प्रभुत्व को समाप्त कर दिया है।

ट्रंप बोले, चीन दुनिया के लिए खतरा

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की बढ़ती सैन्य ताकत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह वामपंथी देश दुनिया के लिए एक खतरा है। साथ ही उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों पर अमरीका की बौद्धिक संपदा चोरी करने से चीन को नहीं रोकने का भी दोष मढ़ा, जिसके जरिए उसने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया। चीन ने सेना पर होने वाले खर्च को सात प्रतिशत बढ़ा कर 152 अरब डालर कर लिया है और उसका लक्ष्य विवादित दक्षिण चीन सागर में अमरीका के बढ़ते दबाव से निपटना है।

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