साल बाद भी फैसला नहीं ले पाई सरकार

मंडी –फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति (नौलखा से डडौर व पुंघ से जड़ोल) हिमाचल किसान सभा एवं व्यापार मंडल द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगिंद्र वालिया व सचिव विजय ठाकुर,  उपप्रधान  परस राम ने की। इस दौरान उन्होंने हैरानी जाहिर करते हुए कहा कि दो जुलाई, 2019  को जिलाधीश मंडी की अध्यक्षता हुई बैठक में लिए गए फैसलों को लागू नहीं किया गया है।  कुछ किसानों के अभी तक जमीन व मकान के अवार्ड घोषित नहीं किए गए हैं।  उनके मुआवजे का निपटारा भूमि अधिग्रहण अधिकारी द्वारा नहीं किया गया है और न ही जमीन की निशानदेही करके बची हुई जमीन के इंतकाल किए गए हैं। दुकानदारों को कोई उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसानों के मकानों का मुआवजा लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकृत रेट के अनुसार नहीं दिया है।  किसान सभा के उपप्रधान परस राम ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा 13 अक्तूबर, 2018 को शिमला में माननीय परिवहन एवं वन विभाग  मंत्री  गोविंद ठाकुर की अध्यक्षता हुई बैठक में सहमति बनी थी कि सरकार जल्द ही पुनर्स्थापना,  पुनर्वासन व भूमि अधिग्रहण, 2013 के अनुसार फैक्टर-2 (चार गुना मुआवजा) को लागू करेगी,  लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद हिमाचल सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई है।   वहीं व्यापार मंडल के सचिव विजय ठाकुर ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण से मांग करते हुए कहा कि नौलखा से डडौर में  बस स्टैंड  के आमने-सामने जाने के लिए  पैदल पथ या भूमिगत रास्ते बनाए जाएं। उन्होंने  प्रदेश सरकार से कहा है कि मांगों को जल्द हल किया जाए। इस अवसर पर  समिति के प्रधान जोगिंद्र वालिया, नोलखा-डडोर से  विजय ठाकुर, जड़ोल-पुंघ से राजकुमार वर्मा, हिमाचल किसान सभा के उपप्रधान  परस राम, व्यापार मंडल के प्रधान राजू राम कासिम अंजुम सहित अन्य लोग शामिल रहे।

You might also like