सीमेंट के बढ़े दामों पर गरजेगी शिवसेना

बिलासपुर -शिव सेना ने हिमाचल प्रदेश में आगामी माह से सीमेंट के बढ़ाए गए रेट के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं बड़े स्तर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। शिव सेना का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में सीमेंट का उत्पादन होने के बावजूद यहां मंहगा है जबकि पंजाब सहित अन्य राज्यों में सस्ता है। लिहाजा यहां की जनता के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए इसलिए सरकार से आग्रह है कि हिमाचल में भी सीमेंट के दाम कम किए जाएं। क्यांेकि जहां-जहां भी सीमेंट के कारखाने हैं। वहां पर लोगों को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। पर्यावरण सहित अन्य तरह का नुकसान झेलनी पड़ रहा है। शिव सेना अगामी माह इस मुददे पर प्रदेश भर में आंदोलन करेगी। यहां पर शनिवार को शिव सेना हिमाचल प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष शिव दत्त गर्ग ने पत्रकारों से बातचीत मंे कहा कि इस मुद्दे पर शिव सेना पहले मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर एवं उद्योग मंत्री को ज्ञापन सौंपेंगी व उनसे भेंट करेगी। उन्होंेने प्रदेश सरकार से हिमाचल प्रदेश में सीमेंट के दाम कम करने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश सरकार  से राज्य में फैल रहे चिट्टे के काले कारोबार नुकेल कसने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी चिट्टे जैसे नशे की समस्या से बर्बाद हो रही है। हालांकि प्रदेश सरकार से कड़े प्रावधान व नियम बनाए हंै। बावजूद इसके युवा इस नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का काला कारोबार बिना राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं हैं। शिव सेना इस मुद्दे पर भी आंदोलन चलाएगी। वहीं, उन्होंने प्रदेश सरकार से हिमाचल प्रदेश में एनआरसी को लागू करने की मांग की है। उन्होंने इसके साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों में 77 प्रतिशत हिमाचलियों को रोजगार देने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाने व गोवंश  संरक्षण के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने इस अवसर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी की मांग उठाने का स्वागत किया है। इस अवसर पर शिव सेना के जिला अध्यक्ष रजत शर्मा ने स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश अटवाल व सुखराम मौजूद रहे। वहीं, हिमाचल प्रदेश शिव सेना के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शिव दत्त वशिष्ठ ने कहा कि अब भाजपा ने शिव सेना को अपना छोटा भाई मान लिया है। शिव सेना को भाजपा के कार्यक्रमों में स्थान देना शुरू कर दिया है। शिव सेना धर्मशाला व सिरमौर में होने वाला उपचुनाव नहीं लड़ेगी। हालांकि शिव सेना व भाजपा का समझौता संसदीय चुनाव तक ही था। शिव सेना हिमाचल प्रदेश में आगामी विधान सभा चुनावों की तैयारी करेगी।

 

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