स्कूलों में रोपे जाएंगे तुलसी, नीम

किचन गार्डन में अब औषधीय पौधों का बढ़ेगा ग्राफ

शिमला  – प्रदेश के स्कूलों में औषधीय पौधे महकेंगे। आयुर्वेदिक विभाग इसे लेकर खास कार्यक्रम शुरू करने वाला है। स्कूलों में किचन गार्डन में अब मेडिसिन प्लांट के ग्राफ को बढ़ाया जाने वाला है, यह नया रूप प्रदेश आयुर्वेदिक विभाग के तहत हो सकेगा। मिड-डे मील योजना के तहत इस नई योजना को जोड़ा जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए अलग से बजट भी जारी करने वाली है। आयुर्वेदिक विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि औषधीय पौधों का ज्यादा से ज्यादा विस्तार किया जाए। सूचना है कि मेडिसिन किचन गार्डन को लेकर भारत सरकार से शिक्षा विभाग को एक पत्र भी आ चुका है, जिसमें स्कूलों के गार्डन में मेडिसिन प्लांट को उगाने के  लिए एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है कि किस जगह कौन सा मेडिसिन प्लांट उग सकता है। इस पर एक प्रोजेक्ट तैयार कर उसे भारत सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है। अभी गार्डन में सबसे ज्यादा दालें उगाई जा रही हैं, जिसमें प्रदेश के कई स्कूल काम भी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के साथ इस प्रस्ताव को तैयार करने के लिए आयुर्वेदिक विभाग का सहयोग लिया जाएगा। मुख्यतः उन मेडिसिन प्लांट की लिस्ट तैयार की जानी है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत काफी लाभप्रद सिद्ध हो सकते हैं। मुख्यतौर पर आंवला, तुलसी, नीम, ऐलोवीरा को किचन गार्डन में उगाने के लिए प्रोपोजल में शामिल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जो मेडिसिन प्लांट उगाया जाएगा, उसकी क्या खास बात है इसके बारे में बच्चों को प्रार्थना सभा में जागरूक किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग भी ये कोशिश कर रहा है कि राज्य में स्कूली बच्चों को भी यह मालूम पड़े कि आखिर प्रदेश में कौन-कौन से औषधीय पौधे हैं।

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