37 को लैंड सीलिंग एक्ट में छूट

चाय बागानों का यूज बदलने पर सरकार करेगी अधिग्रहण

शिमला – प्रदेश सरकार ने 37 चाय बागान मालिकों को हिमाचल प्रदेश लैंड सीलिंग एक्ट 1972 (5) (जी) के तहत छूट दे दी है। सुंदरनगर से भाजपा विधायक राकेश जम्वाल के एक लिखित सवाल पर सीएम ने कहा कि लैंड सीलिंग एक्ट में छूट लेने वाले चाय बागान की किस्मों को बदल सकते हैं। यदि सरकार की अनुमति के बिना भू-स्वामी चाय बागान किस्मों की भूमि का उपयोग बदलेंगे, तो ऐसी भूमि सभी प्रकार से भार मुक्त होकर सरकार में निहित होने का प्रावधान है। यानी सरकार उसे अधिग्रहण करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार का मालिकाना हक देने का अधिनियम में कोई प्रावधान नहीं है। सबसे अधिक पालमपुर में 24, बैजनाथ में नौ, शाहपुर में दो और धर्मशाला में भी दो चाय बागानों को लैंड सीलिंग एक्ट में छूट दी गई है। ऐसे में कुल मिला कर 62 हजार 353 कनाल जमीन है, जिसे लैंड सीलिंग एक्ट में छूट दे दी है। पालमपुर क्षेत्र में तीन जगह बुटेल परिवार को भी इस एक्ट में छूट दी गई है, जिनमें वंशी लाल बुटेल, प्यारे लाल बुटेल और प्रकाश चंद बुटेल शामिल हैं। बताया गया कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान इन चाय बागानों को लैंड सीलिंग एक्ट में छूट दी थी।

ओबीसी आरक्षण से जुड़ा केस कोर्ट में

प्रदेश के मेडिकल कालेजों में ओबीसी छात्रों को 18 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला कोर्ट में फंसा हुआ है। विधायक रमेश धवाला और पवन काजल को स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मामला प्रदेश हाई कोर्ट के विचाराधीन है। गत तीन वर्षों में मेडिकल कालेजों में 1820 सीटें भरी गई हैं। प्रदेश सरकार तिब्बती छात्रों को ओबीसी की तर्ज पर आरक्षण नहीं देगी।

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