अकाउंट से उड़ाए 70 हजार

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नाम पर लूटे ठियोग के दो युवक

मतियाना –पिछले कुछ वर्षो से हिमाचल में ऑनलाइन साइबर क्राईम का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। बाहरी राज्यों के साइबर एक्सपर्ट वेबसाईट्स से डेटा एकत्र कर कभी एटीएम, कभी बैंक अकाउट तो कभी आधार कार्ड के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फांसकर उनके खातों से लाखों रुपए ट्रांसफर कर ठगी का शिकार बना देते है। सोमवार को ऐसा ही मामला ठियोग के रही घाट और कथाल में भी पेश आया है। रहीघाट ठियोग में ज्वैलर का काम करने वाले शत्रुघ्न शाह की पत्नी अंजु देवी को शातिर का फोन आया कि वो केएनएच अस्पताल शिमला से डाक्टर बोल रहा है, जो गत वर्ष आपके डिलीवरी हुई थी, उसमें प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत आपको छह हजार रुपए की राशि मिलनी है। उसके लिए आप अपना अकांउट नबर और एटीएम कार्ड नंबर दे दो। महिला ने दोनों नंबर शातिर को दे दिये कुछ समय बाद उसने मोबाइल में आए ओटीपी के लिये कॉल की तो उसने वो भी बता दिया। शातिर ने चार बार ट्रांजेक्शन कर उससे ओटीपी लेकर 19 हजार 910 रूपए ट्रांसफर कर दिये उसके बाद महिला को बताया कि इस खाते में पेमेंट नहीं जा रही है। आप अपने पति का अकांउट और एटीएम नबर दे दो। महिला ने अपने पति के नंबर भी दे दिये उसके बाद शातिर ने उस खाते से भी चार बार 40 हजार रूपए की ट्रांजेक्शन कर दी और कुल मिलाकर 59910 रुपए का चूना लगाया। दूसरा मामला संधु पंचायत के कथाल गांव का है, जंहा पर शातिर ने गांव की आशा वर्कर हेमलता को भी खुद को केएनएच का डाक्टर बताकर उससे मातृ वंदना योजना के आवेदकों की फोन सहित सूची मांगी। उससे आवेदकों को फोन भी कराए कि अभी डाक्टर का फोन आयेगा तो सारी डिटेल बता देना। शातिर ने कथाल निवासी सुशील की पत्नी को फोन कर उससे खाते और एटीएम की डिटेल मांगी। दो बार ट्रांजेक्शन कर 10 हजार की राशि ट्रांसफर कर दी। जब सुशील को इस बात का एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया है, तो उसने पुलिस थाना ठियोग में शिकायत दर्ज कराकर मामले की छानबीन की गुहार लगाई है।

 

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