अनुराग ठाकुर धड़े ने हराया श्रीनिवासन गुट

गांगुली का समर्थन                                                    बृजेश पटेल को सपोर्ट

नई दिल्ली- क्रिकेट के मैदान में दादागीरी से लेकर दुनिया की सबसे ताकतवर क्रिकेट संस्था भारतीय क्त्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का अध्यक्ष पद के लिए नामित होने तक सौरभ चंडीदास गांगुली के लिए राहें आसान नहीं थीं। रविवार को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में दुनिया की सबसे धनी क्रिकेट संस्था के बॉस चुनने को लेकर बैठक थी। पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और एन श्रीनिवास के गुट आमने-सामने थे। खूब चालें चली जा रही थीं। अध्यक्ष पद के लिए एक तरफ श्रीनिवासन के समर्थन प्राप्त पूर्व क्रिकेटर बृजेश पटेल थे, तो दूसरी तरफ भारतीय क्रिकेट में प्रिंस ऑफ कोलकाता के नाम से मशहूर गांगुली। क्रिकेट की दो पावरफुल लॉबी ने अपने-अपने उम्मीदवार को अध्यक्ष बनाने कि लिए पूरा जोर लगा दिया था। काफी जोर आजमाइश के बाद बैठक में सब गांगुली के नाम पर सहमत हो गए, वहीं बृजेश पटेल को आईपीएल का चैयरमैन बनाने पर सहमति बनी। गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई के सचिव, जबकि अनुराग ठाकुर के भाई अरुण सिंह ठाकुर कोषाध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। कहा जा रहा है कि गांगुली को अनुराग ठाकुर का भी समर्थन प्राप्त था। बता दें कि ठाकुर बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। केंद्र में मंत्री होने के साथ-साथ उनका क्रिकेट प्रशासन में अच्छा दखल माना जाता है। ऐसे में गांगुली की उम्मीदवारी को भी जबरदस्त समर्थन मिला। सूत्रों ने बताया कि अंत में गांगुली को अध्यक्ष बनाने को लेकर सहमति बनी। बतौर अध्यक्ष गांगुली का कार्यकाल 10 महीने का होगा। फिलहाल गांगुली बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और उनके पास क्रिकेट प्रशासन का अच्छा अनुभव है।

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