अब पर्ची दिखाने पर ही मिलेगी इंजेक्शन सिरिंज

शिमला  – अब आपको इंजेक्शन की सिरिंज दवा दुकान से यूं ही नहीं दी जाएगी। इसके लिए आपको पर्ची देनी होगी। प्रदेश में नशे पर पकड़ जमाने के लिए प्रदेश के ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन के साथ स्वास्थ्य विभाग के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में इंजेक्शन से नशा करने वालों के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए यह सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि पहले इंजेक्शन सिरिंज मांगने पर केमिस्ट से मिल जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। डाक्टर द्वारा पर्ची पर इंजेक्शन सिरिंज लिखना जरूरी होगा। देखा जाए तो प्रदेश में अभी चिट्टे का नशा करने के मामले प्रकाश में आने लगे हैं। वहीं, इंजेक्शन से नशा करने वालों में इस वर्ष एक प्रभावित को भी एचआईवी होने की सूचना है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने नशा विरोधी अभियान में तेज़ी लाने के निर्देश जारी किए हैं।  इसके अलावा प्रदेश में खोले जा रहे 45 नशा निवारण केंद्रों के लिए दवाएं भी जारी कर दी गई हैं। वहीं, 20 और केंद्रों के लिए भी दवाएं जारी की गई है। कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द अब ये सभी केंद्र काम करें। आईजीएमसी की ओर से दवाआें को नशा निवारण केंद्रों को भेज दिया गया है। गौर हो कि प्रदेश में हर बुधवार को प्रदेश में जिला स्तर पर ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर में ओपीडी लगेगी। राज्य में काफी लंबे समय के बाद प्रदेश के सभी जिलों में नशा निवारण केंद्रों को सक्रिय किया जा रहा है। इनमें अब दवाआें को भी निःशुल्क दिया जाना है। यहां कितने मरीज़ आ रहे हैं, इसका डाटा तैयार किया जाएगा और इसके बाद ही सरकार योजनाओं पर विचार करेगी। 

आईजीएमसी का ऐसा है आंकड़ा

आईजीएमसी में प्रतिमाह 100 लोग आ रहे हैं। अब सभी जिलों में नशा निवारण केंद्र चलेंगे तो प्रदेश में नशे से बचाव की तस्वीर को ओर बेहतर किया जा सकता है। प्रदेश महिला आयोग का यह भी मानना था कि प्रदेश में हर वर्ष 50 परिवार नशे के कारण टूट रहे हैं। इसके लिए भी ऐसे केंद्र खोलना जरूरी है।

 

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