इनसान का स्वार्थ और नफरत

-नजमा पोस्वाल, समीरपुर

आजकल की दुनिया, दिखावे की दुनिया हो गई है, हर चीज में, हर काम में इनसान का दिखावा, स्वार्थ और दूसरे के प्रति नफरत देखने को मिलती है। आजकल इनसान दिखावट के झूठे रीति-रिवाजों से भरी जिंदगी का आदी हो गया है। अगर किसी की मदद भी करेगा, उसमें भी उसका दिखावा देखने को मिलेगा। दूसरी ओर मनुष्य दिन-प्रतिदिन नफरत का पुतला बनता जा रहा है। आजकल के कलियुगी समाज ने बहुत सी बुराइयों को धारण कर रखा है। लोगों के दिलों में एक-दूसरे के प्रति जहर रूपी नफरत भरी हुई है। इनसानियत का तो बस नाम ही रह गया है। नफरत इनसान को अंदर से खोखला कर दिया है। एक-दूसरे की कमियां निकालने और एक-दूसरे को नीचा दिखाने में आज  का मनुष्य ज्यादा दिलचस्पी लेता है। लोगों को अपने मन में, अपने समाज में किसी भी प्रकार की ईर्ष्या, जलन, स्वार्थ की भावना का त्याग करना चाहिए और समाज में प्यार और सहयोग की भावना से रहना चाहिए।                                                            

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