इन्फोसिस में गड़बड़ी पर हड़कंप

व्हिस्लब्लोअर ने लगाए बही-खाते में हेराफेरी के आरोप

बंगलूर – देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस में कंपनी के पूर्व सीईओ विशाल सिक्का तथा फाउंडर नारायणमूर्ति के बीच विवाद किसी तरह शांत होने के बाद कंपनी एक बार फिर भारी मुश्किलों में फंसती दिख रही है। कंपनी के कुछ अज्ञात कर्मचारियों (व्हिस्लब्लोअर) ने आरोप लगाया है कि इन्फोसिस अपनी आय और मुनाफे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए अपने बही-खातों में हेरफेर कर रही है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि उसने शिकायत को ऑडिट कमिटी के हवाले कर दिया है, जो इस पर विचार करेगी। इस विवाद के सामने आने के बाद इन्फोसिस ने सोमवार को कहा कि उसने व्हिस्ल ब्लओर की शिकायत को ऑडिट कमिटी को सौंप दिया है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि कंपनी के नियमों के मुताबिक, व्हिस्ल ब्लोअर की शिकायत को ऑडिट कमिटी के समक्ष पेश किया गया है और इसे इन्फोसिस की व्हिस्ल ब्लोअर पॉलिसी के आधार पर निपटा जाएगा। इन्फोसिस बोर्ड तथा यूएस सिक्यॉरिटी एक्सचेंज कमिशन को लिखे गए एक पत्र में व्हिस्लब्लोअर ने सीईओ सलिल पारेख पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह फाइनांस टीम पर आंकड़ों के साथ हेरफेर करने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इन्फोसिस के कर्मचारी हैं और इस मामले में हमारे पास ई-मेल और वॉयस रिकॉर्डिंग हैं। हमें उम्मीद है कि बोर्ड इसकी तत्काल जांच करेगा और कार्रवाई करेगा।

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