एक समान होंगे भवन निर्माण नियम

नगर नियोजन क्षेत्रों में बदलेंगे टीसीपी रूल्ज, संशोधन को बनाई विभागीय समिति

शिमला  – टीसीपी और योजना क्षेत्रों के दायरे में आने वाले प्रदेश के इलाकों में अब भवन निर्माण के एक समान नियमों को लागू किया जाएगा। इसके लिए नगर नियोजन विभाग ने एक विभागीय कमेटी बनाई है, जो कि नगर नियोजन के नियमों में संशोधन पर काम कर रही है। यह कमेटी बताएगी कि किस तरह से नियम एक समान नहीं हो सकते हैं, जिन्हें प्रदेश में लागू किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार सरकार एक भवन में तीन से चार फ्लोर तक बनाने की छूट देने की सोच रही है। अभी तक नियमों में एक समान भवन निर्माण के प्रावधान नहीं है, जिन्हें सरल किया जा रहा है। शिमला की ही बात करें, तो यहां पर कोर व रिस्ट्रिक्टिड एरिया में एनजीटी ने अढ़ाई मंजिल तक के निर्माण की अनुमति दी है, जिससे ज्यादा निर्माण नहीं हो सकता। इसका यहां के लेग विरोध कर रहे हैं और सरकार भी लगातार जनता का पक्ष रख रही है। ऐसे में यदि सरकार नगर नियोजन के एक समान नियमों को लागू करती है, तो सभी टीसीपी एरिया व योजना क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सकती है। जल्दी ही नियमों में संशोधन का खाका  सरकार को जाएगा। नियमों में संशोधन सरकार के अधिकार में है, क्योंकि इसमें केवल संशोधन करना है और एक्ट में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होगी। संशोधन के बाद फ्लोर एरिया रेशो के आधार पर सभी क्षेत्रों में एक समान भवन निर्माण नीति लागू होगी। जाहिर है कि 200 गज के प्लॉट में जितना ऊंचा भवन शिमला में बन सकेगा, उतना ही किसी और कस्बे में भी। नियमों में संशोधन के बाद नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा तैयार किए गए डिवेलपमेंट प्लान भी बदलेंगे। वर्तमान में शिमला में कोर व ओपन एरिया में भवन निर्माण के लिए अलग-अलग मापदंड तय हैं। कोर एरिया में अढ़ाई मंजिल, ओपन एरिया में तीन मंजिल तक निर्माण किया जा सकता है, मगर मंडी, मनाली, धर्मशाला तथा अन्य शहरों में मापदंड अलग हैं।

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