एचपीयू में मैंडले सॉफ्टवेयर की खूबियां गिनाईं

शिमला – हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर्वियक अध्ययन विभाग में शोधकार्य में संदर्भ सूची प्रबंधन में सहायक मैंडले सॉफ्टवेयर की उपयोगिता पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य स्रोत व्यक्ति के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय के प्रबंधन स्कूल से डा. नेहा गुलाटी रहीं। इस व्याख्यान के संयोजक डा. रणधीर सिंह रांटा ने कहा कि इस विशेष व्याख्यान में एमबीए ग्रामीण विकास और एमएससी पर्यावरण विज्ञान के बरिष्ठ छात्रों ने भाग लिया। इन छात्रों के पाठ्यक्रम में शोध कार्य रिपोर्ट लिखना अनिवार्य है, जिसके लिए यह व्याख्यान उनके लिए लाभदायी है और उनके शोध कार्य की गुणवता बढे़गी। विश्वविद्यालय के अंतर्वियक अध्ययन विभाग के निदेशक आचार्य आरपी शर्मा ने कहा कि आज के समय में सूचना और प्रौद्योगिकी के विकास के कारण शोधकार्य प्रबंधन की सहूलियतें भी बढ़ी हैं। इसी कड़ी में मैंडले सॉफ्टवेयर भी शोध कार्य में संदर्भ सूची निर्माण, एडिटिंग और आनलाइन डाटा माइनिंग के लिए मददगार है, जिससे कोई भी शोधार्थी अपने समय की बचत कर शोधकार्य में गुणवत्ता ला सकता है। प्रो. शर्मा ने कहा कि विभाग के संकाय सदस्य अपने छात्रों को हर संभव सहूलियत मुहैया कराने का प्रयास कर रहा है, ताकि यहां से अपनी शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत छात्र अपने कौशल के आधार पर रोजगार हासिल कर सके। उन्होंने डा. नेहा गुलाटी का व्याख्यान के लिए हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के विभाग आने के लिए धन्यवाद किया और आचार्य सिकंदर कुमार का अकादमिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए व विभाग के सभी शिक्षकों डा. रतन सिंह चौहान, डा. रणधीर सिंह रांटा, डा. संजीव कुमार, डा. पंकज गुप्ता, डा. पवन कुमार, डा. पुष्पा ठाकुर, कुलदीप सिंह, डा. बलदेव सिंह नेगी व डा. विजय कुमार शर्मा व सुनील जसवाल का आभार प्रकट किया।

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