कमलेश के हत्यारों की पहचान

24 घंटे में सुलझाई हत्याकांड की गुत्थी, तीन षड्यंत्रकर्ता धरे

सूरत – गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की सनसनीखेज हत्या के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए इस प्रकरण के तीन प्रमुख षड्यंत्रकर्ताओं को शनिवार को सूरत से गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो हत्यारों को भी जल्द ही पकड़े जाने की संभावना है। उधर, इन तीनों के अलावा दो मौलवियों मौलाना अनवर-उल हक और मुफ्ती नईम काजमीन को भी गिरफ्तार किया गया है। बिजनौर में मदरसा चलाने वाले अनवार-उल हक ने कमलेश तिवारी की हत्या पर इनाम की भी घोषणा की थी। मुस्लिम समुदाय तथा इसके पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादास्पद टिप्पणी के चलते पहली बार 2015 में सुर्खियों में आए तिवारी (45) की शनिवार को लखनऊ के खुर्शीदबाग स्थित उनके कार्यालय में बेरहमी से दो अज्ञात लोगों ने गला रेत कर और गोली मार कर हत्या कर दी थी। गुजरात एटीएस के एसपी हिमांशु शुक्ला और डीएसपी केके पटेल ने यानिवार को को बताया कि इस मामले के तीन प्रमुख षड्यंत्रकर्ताओं राशिद पठान (30), मौलवी मोहसिन शेख (28) तथा फैजान मेंबर (24), जो तीनों सूरत के लिंबायत इलाके की एक ही सोसायटी के निवासी हैं, को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके दो अन्य साथियों जिन्होंने हत्या को अंजाम दिया है, की भी पहचान हो गई है और उनकी जल्द ही धरपकड़ की जा सकती है। इन लोगों ने वर्ष 2015 में ही कमलेश की हत्या की योजना बनाई थी, पर तब ऐसा नहीं हो सका। उधर कमलेश के बेटे सत्यम का कहना है कि उन्हें यूपी प्रशासन पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए।

मिठाई का डिब्बा बना मददगार

श्री पटेल ने बताया कि मौका-ए-वारदात से मिले मिठाई के एक डिब्बे जिसे हत्यारे सूरत के उधना की एक दुकान से खरीद कर ले गये थे, और मृतक तिवारी के फोन से मिले सुराग के आधार पर इस मामले को सुलझाया गया है।

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