करसोग में गजब का डांस

‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ के लोकप्रिय इवेंट ‘डांस हिमाचल डांस’ के ऑडिशन में धमाल

करसोग : ‘दिव्य हिमाचल’ के लोकप्रिय इवेंट ‘डांस हिमाचल डांस’ के ऑडिशन के दौरान सामूहिक चित्र में प्रतिभागी

करसोग  – ‘दिव्य हिमाचल मीडिया ग्रुप’ के लोकप्रिय इवेंट ‘डांस हिमाचल डांस’ का काफिला सोमवार को पहली बार करसोग पहुंचा। ‘डांस हिमाचल डांस’ के सात साल के सफर में पहली मर्तबा करसोग के पुराना बाजार लक्ष्मीनारायण मंदिर हाल में ऑडिशन हुए। ‘डीएचडी-7’ की ट्रॉफी चूमने के दीवानेपन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑडिशन के लिए सुबह 9:30 बजे ही बच्चे पहुंचना शुरू हो गए और शाम पौने छह बजे तक ऑडिशन चलता रहा। कार्यक्रम में 120 से ज्यादा बच्चों ने  लक्ष्मीनारायण मंदिर में ऑडिशन दिया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने सिंगल, ड्यूट व ग्रुप में जबरदस्त परफार्मेंस देकर जजेज सहित निर्णायकों का दिल जीत लिया। डा. विनोद कुमार संगीत प्रोफेसर महाविद्यालय करसोग, कुशल चौहान प्रख्यात डांसर, जय चौहान निदेशक न्यू  लाइफ डांस अकादमी ने प्रतिभागियों की प्रतिभा परखी, जबकि देवी सिंह नेगी ने मंच संचालन का जिम्मा संभाला। ऑडिशन का शुभारंभ नगर पंचायत करसोग उपाध्यक्ष ममता गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के समापन पर करसोग विधायक हीरालाल पहुंचे और उन्होंने बच्चों की प्रतिभा को खूब सराहा। इसके अलावा इस मौके पर बीएल सेंट्रल स्कूल प्रिंसीपल मोनिका गुप्ता, सरकाघाट डिफेंस अकादमी निदेशक शक्ति राम, किडजी पाठशाला प्रिंसीपल रविंद्र कुमार, न्यू लाइफ डांस अकादमी प्रबंधक जय चौहान, सरस्वति विद्या मंदिर करसोग के प्रतिनिधि, भाजपा महिलामोर्चा अध्यक्ष बबीता ठाकुर आदि मौजूद रहे। ‘डांस हिमाचल डांस’ का बच्चों के बीच कितना क्रेज है, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करसोग में पहली बार हुए ऑडिशन में 80 किलोमीटर दूर से भी बच्चे पहुंचे। ऑडिशन के लिए शिमला जिला के रामपुर, सुन्नी व कुल्लू जिला के आनी से होनहार करसोग पहुंचे थे।  ‘दिव्य हिमाचल’ के लोकप्रिय इवेंट ‘डांस हिमाचल डांस’ का यह सातवां साल है। मगर करसोग में पहली बार ऑडिशन करवाया गया। ऑडिशन के बाद अभिभावकों ने मीडिया ग्रुप का  धन्यवाद किया। उन्होंने करसोग में हर बार ‘डांस हिमाचल डांस’ का ऑडिशन करवाने को कहा।

सुबह से शाम तक जारी रहा परख का दौर

ऑडिशन के लिए सुबह 9:30 बजे ही लंबी कतारें लगना शुरू हो गई थीं और यह शाम 5:30 बजे के बाद भी जारी रहा। प्रतिभागी अपनी बारी का इंतजार लाइनों में लगकर करते रहे। यही नहीं, अपनी परफार्मेंस के बाद बच्चे दूसरे प्रतिभागियों की परफार्मेंस देखने के लिए भी खड़े रहे। सुबह से देर शाम तक परख का दौर जारी रहा।

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