कालेज प्राध्यापकों को सीनियर स्केल

ई-मेल या फैक्स के जरिए दो दिन में सरकार ने मांगा ब्यौरा

शिमला – राज्य के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे प्राध्यापकों के लिए राहत भरी खबर है। सीनियोरिटी के हिसाब से सरकार अब उन्हें आर्थिक व दूसरे लाभ की सुविधा देगी। दरअसल प्रदेश सरकार ने कालेजों के प्राध्यापकों को सीनियर स्केल व सिलेक्शन ग्रेड देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने शिक्षा विभाग से 6 जून, 2011 से 17 मार्च, 2012 तक की अवधि में जिन प्र्राध्यापकों को यह सीनियर स्केल व सिलेक्शन ग्रेड मिलना तय था, उनका ब्यौरा मांगा है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी कालेज प्रशासन को निर्देश जारी कर इसके लिए पात्र प्राध्यापकों का रिकार्ड मांगा है। इसके लिए विभाग ने कालेज प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। इस तय अवधि में कालेज प्रशासन को शिक्षा निदेशालय को ई-मेल या फैक्स के जरिए कालेज प्राध्यापकों का ब्यौरा निदेशालय भेजना होगा। इसके बाद प्रदेश सरकार को यह रिकार्ड भेजा जाएगा। बता दें कि मामले पर वर्ष 2011 में यूजीसी की गाइडलाइन जारी की गई थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने इसमें संशोधन कर इसे 2012 में लागू किया था। सरकार ने इसे 17 मार्च 2012 में लागू किया, जबकि केंद्र ने इसे 6 जून 2011 में लागू किया था। ऐेसे में 6 जून 2011 से लेकर 17 मार्च 2012 तक कई प्राध्यापक इस स्केल से वंचित रह गए थे।  इस दौरान 100 से अधिक प्राध्यापकों को यह स्केल नहीं मिल पाया। हाल ही में कालेज प्राध्यापक संघ ने सरकार के समक्ष यह मामला उठाया। इसके बाद सरकार ने यह प्रक्रिया शुरू की है।

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